
यूनुस मेमन

बिलासपुर।
कोनी थाना क्षेत्र अंतर्गत गतौरी के पास ओवरब्रिज के नीचे और ओवरब्रिज से पहले खुलेआम अवैध रूप से संचालित हो रही कबाड़ की दुकानों पर पुलिस की निष्क्रियता अब सवालों के घेरे में है। गतौरी से लेकर कोनी तक कई कबाड़ की दुकान खुली है,स्थानीय लोगों का आरोप है कि जानकारी होने के बावजूद कोनी पुलिस द्वारा इन अवैध कबाड़ संचालकों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
बताया जा रहा है कि ये कबाड़ की दुकानें बिना किसी वैध अनुमति के लंबे समय से संचालित हो रही हैं, जहां आसपास के क्षेत्रों से चोरी का माल लाकर खपाया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि चोरी की घटनाओं के बाद चोरी गया सामान इन्हीं दुकानों में छुपाए जाने की आशंका है, जिससे क्षेत्र में अपराध बढ़ने का खतरा बना हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस द्वारा केवल खानापूर्ति के नाम पर कभी-कभार छोटी-मोटी कार्रवाई की जाती है, जबकि मुख्य अवैध कबाड़ संचालकों को कथित रूप से संरक्षण दिया जा रहा है। इसी कारण कबाड़ कारोबारी बेखौफ होकर अवैध कबाड़ की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं।

स्थानीय निवासियों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और अवैध कबाड़ की दुकानों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह क्षेत्र अपराध का गढ़ बन सकता है।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और उच्च पुलिस अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और कब तक अवैध कबाड़ कारोबार पर लगाम लगाई जाती है,
