20-21 साल के लड़कों का कारनामा , डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1 करोड़ से अधिक की साइबर ठगी, राजस्थान से दो आरोपी गिरफ्तार


बिलासपुर रेंज साइबर थाना पुलिस ने “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के दो आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लाया गया है। मामले में पुलिस ने बीएनएस और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने एक महिला को पुलिस, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), आरबीआई और सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई का डर दिखाकर ऑनलाइन ठगी की वारदात को अंजाम दिया। महिला को वीडियो कॉल के माध्यम से कई घंटों तक तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” में रखा गया और लगातार मानसिक दबाव बनाया गया।
आतंकवादी संगठन से नाम जुड़ने का डर दिखाया
शिकायतकर्ता ने साइबर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी माता के मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आया था। कॉल करने वाले ने खुद को “संजय PSI” बताते हुए कहा कि महिला का नाम एक आतंकवादी संगठन से जुड़े मामले में सामने आया है और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।
इसके बाद आरोपियों ने वीडियो कॉल के जरिए महिला को लगातार निगरानी में रखा और पुलिस, ईडी, आरबीआई तथा सुप्रीम कोर्ट का भय दिखाते रहे। आरोपियों ने महिला को धमकी दी कि यदि उन्होंने परिवार के किसी सदस्य से संपर्क किया तो उनके बेटे सहित अन्य परिजनों को भी मामले में फंसा दिया जाएगा।
विश्वास दिलाने के लिए आरोपियों ने फर्जी सरकारी नोटिस, ईडी जांच दस्तावेज, सुप्रीम कोर्ट के आदेश और आरबीआई नोटिस भी भेजे। लगातार मानसिक प्रताड़ना और भय के कारण महिला आरोपियों के झांसे में आ गई।
1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपये की ठगी
आरोपियों ने महिला को अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। अलग-अलग तिथियों में कुल 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कराए गए। इसके बाद भी आरोपी केस खत्म कराने के नाम पर अतिरिक्त 50 लाख रुपये की मांग कर रहे थे।
जब पीड़िता ने पूरी जानकारी अपने पुत्र को दी, तब मामले का खुलासा हुआ और तत्काल रेंज साइबर थाना बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई गई।
तकनीकी जांच में सामने आया नेटवर्क
प्रकरण दर्ज होने के बाद साइबर पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच में पता चला कि ठगी की रकम कई लेयर वाले बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी।
बैंकिंग ट्रेल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने राजस्थान के चुरू जिले से दो आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में रूपेन्द्र सिंह (21 वर्ष) और विशाल सिंह (20 वर्ष), दोनों निवासी ग्राम पोती, थाना रतननगर, जिला चुरू (राजस्थान) शामिल हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते उपलब्ध कराए थे तथा ठगी की रकम निकालकर अन्य लोगों तक पहुंचाई थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार, साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों, बैंक खातों और डिजिटल ट्रेल की विस्तृत जांच जारी है। पूरी कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक गोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह एवं नोडल अधिकारी गगन कुमार के निर्देशन में रेंज साइबर थाना बिलासपुर की टीम द्वारा की

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