बृहस्पति बाजार मुन्नू लाल शुक्ल स्कूल में शिफ्ट होगा, क्षेत्रवासियों का विरोध, इंटीग्रेटेड मार्केट बनने तक एक साल की अस्थायी व्यवस्था, निगम का दावा—व्यापारियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं


बिलासपुर। शहर के बृहस्पति बाजार को आधुनिक इंटीग्रेटेड मार्केट के रूप में विकसित करने की योजना के बीच नगर निगम ने बाजार को अस्थायी रूप से शिफ्ट करने का निर्णय लिया है। पहले इसे मिशन स्कूल परिसर में स्थानांतरित करने की योजना थी, लेकिन मामला न्यायालय में लंबित होने के कारण अब बाजार को गोंड़पारा स्थित मुन्नू लाल शुक्ल स्कूल में स्थानांतरित किया जाएगा।
निगम अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मार्केट के निर्माण में लगभग एक वर्ष का समय लगेगा। इस दौरान व्यापारियों को व्यवस्थित ढंग से व्यापार करने के लिए अस्थायी स्थल उपलब्ध कराया जाएगा। मुन्नू लाल शुक्ल स्कूल परिसर में दुकानदारों के लिए स्थान चिन्हित कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की बात कही जा रही है।
हालांकि, इस निर्णय का स्थानीय स्तर पर विरोध शुरू हो गया है। गोंड़पारा क्षेत्र के अमन नामदेव, निखिल केशरवानी, प्रवीण वर्मा और सुमीत सहित अन्य नागरिकों ने निगम कमिश्नर से मिलकर आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि यह क्षेत्र पहले से ही शनिचरी, गोल बाजार, सदर बाजार और सिटी कोतवाली जैसे व्यस्त इलाकों से घिरा हुआ है, जहां ट्रैफिक का दबाव अधिक रहता है। ऐसे में साप्ताहिक बाजार लगने से जाम की स्थिति और गंभीर हो सकती है, जिससे विशेषकर एम्बुलेंस जैसी आपात सेवाएं प्रभावित होंगी। क्षेत्रवासियों ने निर्णय वापस नहीं लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
नगर निगम के अपर आयुक्त खजांची कुम्हार ने बताया कि मिशन स्कूल से जुड़ा मामला न्यायालय में होने के कारण वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में यह निर्णय लिया गया है।
इधर, बृहस्पति बाजार के पुनर्विकास के लिए 13.39 करोड़ रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड मार्केट तैयार किया जाएगा। डीएमएफ मद से बनने वाले इस बाजार के ग्राउंड फ्लोर पर 242 चबूतरे बनाए जाएंगे, जिन्हें वर्तमान फल-सब्जी विक्रेताओं को आवंटित किया जाएगा। पहले की तुलना में इन चबूतरों का आकार बड़ा होगा और स्टोरेज की सुविधा भी दी जाएगी। वहीं प्रथम तल पर 66 दुकानों का निर्माण किया जाएगा, जिन्हें नीलामी के माध्यम से आवंटित किया जाएगा।
इसके अलावा भवन में पार्किंग, पेयजल, शौचालय, लिफ्ट और फायर फाइटिंग सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। निगम का दावा है कि पुनर्विकास के बाद बाजार क्षेत्र में साफ-सफाई, ट्रैफिक प्रबंधन और समग्र व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होगा। हालांकि फिलहाल अस्थायी शिफ्टिंग को लेकर स्थिति विवादास्पद बनी हुई है।

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