भारत माला परियोजना में मुआवजा घोटाले की जांच तेज, ED की छापेमारी में नकदी व चांदी जब्त


रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने भारतमाला परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण में कथित अनियमितताओं और अवैध मुआवजा प्राप्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने सोमवार को अभनपुर, रायपुर, धमतरी और कुरुद में कुल 8 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।


ईडी के अनुसार, यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 (PMLA) की धारा 17 के तहत की गई। तलाशी के दौरान 66.9 लाख रुपये की नकदी, करीब 37.13 किलोग्राम चांदी की ईंटें व अन्य चांदी के सामान, डिजिटल उपकरण और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
भूमि अधिग्रहण में हेराफेरी का आरोप
जांच की शुरुआत उस समय हुई, जब एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर ने अभनपुर के तत्कालीन एसडीओ (राजस्व) निर्भय साहू और अन्य आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 तथा भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।


एफआईआर में आरोप है कि आरोपियों ने सरकारी अधिकारियों से मिलीभगत कर रायपुर-विशाखापत्तनम राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण से जुड़े अभिलेखों में हेरफेर और जालसाजी कर अवैध रूप से अधिक मुआवजा प्राप्त किया।
कृत्रिम रूप से बढ़ाया गया मुआवजा
ईडी की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने साजिश के तहत भूमि स्वामित्व में हेरफेर किया और अधिसूचना जारी होने के बाद भी भूमि का हस्तांतरण किया। साथ ही अधिसूचना की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही जमीन को छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित कर मुआवजा राशि बढ़ाने का प्रयास किया गया।
जांच में यह भी पाया गया कि संशोधित खसरा अभिलेखों के आधार पर मुआवजा स्वीकृत और वितरित किया गया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा और आरोपियों को अवैध लाभ मिला। ईडी ने इस अतिरिक्त राशि को ‘अपराध की आय’ (Proceeds of Crime) की श्रेणी में माना है।


जांच जारी
एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार, मामले में आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है।

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