
शशि मिश्रा
बिलासपुर
जूनीलाइन स्थित मिश्रा नर्सिंग होम द्वारा भरी दोपहरी मरीज को स्ट्रेचर पर सोनोग्राफी के लिए भेजना नर्सिंग होम संचालक को भारी पड़ गया है। अस्पताल में एंबुलेंस होते हुए भर्ती मरीज को परिजनों के द्वारा 200 मीटर दूर डायग्नोसिस सेंटर ले जाने के मामले में सीएमएचओ ने नोटिस जारी कर दिया है। मामले में संचालक व डाक्टर को 7 दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का समय दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक डॉक्टर ने मरीज को तत्काल सोनोग्राफी कराने की सलाह दी थी। इसके लिए एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई गई, लेकिन शुल्क ज्यादा लगने की वजह से परिजनों ने मना कर दिया। इसके बाद परिजनों ने स्वयं ही स्ट्रेचर का
इंतजाम किया और सिम्स के सामने स्थित ओम नर्सिंग होम तक मरीज को स्ट्रेचर पर ले जाने लगे। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे मरीज को इस तरह ले लेकर जाना और करीब सवा दो बजे वापस लाने का विडियो वायरल हो गया। तेज धूप से बचाने के लिए मरीज के ऊपर छतरी लगाई गई थी। बताया जा रहा है कि मिश्रा नर्सिंग होम में भर्ती मरीज डाक्टर अशोक अग्रवाल की अभिरक्षा में था। वहीं नर्सिंग होम एक्ट 2013 की कंडिका 17 (3) के अनुसार मरीज को बिना एम्बुलेंस के डाग्नोसिस के लिए भेजना और प्रोटोकॉल का पालन नहीं करना पाया गया है। सीएमएचओ डॉ शुभा गरेवाल ने नर्सिंग होम एक्ट का पालन नहीं करने पर मिश्रा नर्सिंग होम के संचालक को नोटिस जारी कर 7 दिनों में जवाब देने के लिए समय दिया है। जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी।
