पोईला वैशाख की उमंग में सराबोर हुआ छत्तीसगढ़ बंगाली समाज, संस्कृति और परंपरा का अद्भुत संगम


बिलासपुर। नव ऊर्जा, नव उल्लास और नव आरंभ के प्रतीक बांग्ला नव वर्ष पोईला वैशाख का उत्सव इस वर्ष भी छत्तीसगढ़ बंगाली समाज द्वारा पूरे हर्षोल्लास और पारंपरिक गरिमा के साथ मनाया गया। सांस्कृतिक रंगों से सजे इस भव्य आयोजन में संगीत, नृत्य और कविता की सुरमयी प्रस्तुतियों ने वातावरण को जीवंत और भावपूर्ण बना दिया।
कार्यक्रम में समाज के बच्चों, युवाओं और वरिष्ठजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए गीत, संगीत, नृत्य और काव्य पाठ की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। मंच पर एक के बाद एक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरे आयोजन को सांस्कृतिक उत्सव में बदल दिया।


मुख्य अतिथि भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक सिंह ठाकुर ने सभी को बांग्ला नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पोईला वैशाख हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। बांग्ला कैलेंडर के अनुसार वैशाख मास के प्रथम दिन मनाया जाने वाला यह पर्व सदियों पुरानी परंपरा का वाहक है, जिसे आज भी पूरे देश में बसे बांग्ला समाज द्वारा श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रायपुर से आए झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश सहसंयोजक विकास अग्रवाल ने की। इस अवसर पर कार्यालय प्रभारी सुधीर दुबे, मन की बात प्रभारी कान्हा ठाकुर, जिला संयोजक थानूराम साहू, जिला सहसंयोजक ईश्वर यादव, पूर्वी मंडल के महामंत्री शेखर पाल, रेलवे महामंत्री नीरजा सिंह, प्रदेश संरक्षक आर.एन. नाथ, संजीव कर्मकार, रामकृष्ण विवेकानंद मंदिर के संस्थापक बी.सी. गोलदार, सेंट्रल बंगाली समाज के अध्यक्ष पार्थो चक्रवर्ती, प्रदेश महासचिव छत्तीसगढ़ बंगाली समाज अनूप विश्वास, जिला अध्यक्ष आशीष राय, रामकृष्ण विवेकानंद समिति अध्यक्ष सुमित बनर्जी, विवेकानंद दुर्गा उत्सव समिति के अचिंत कुमार बोस सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।


इस अवसर पर समाज के वरिष्ठ एवं पुराने सदस्यों का सम्मान भी किया गया, जिसमें विशेष रूप से जी.का. अधिकारी और उज्ज्वल अधिकारी को सम्मानित कर उनकी दीर्घकालीन सेवाओं को सराहा गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में संगीत के क्षेत्र में आर्यन नाथ, सरस्वती नाथ, अचिंत कुमार बोस, रितिका मंडल, पूर्ति धर, कल्पना डे, प्रोन्नति बारिक, अरुंधति मुखर्जी, भाग्यलक्ष्मी, दिलीप विश्वास, रूपा शाह चक्रवर्ती, मौसमी चक्रवर्ती, रेखा दास, रीना चक्रवर्ती, सुचिता विश्वास, दीक्षिता, सिद्धि चटर्जी, प्रकृति, लक्षिता, अनुलिति दास सहित अनेक कलाकारों ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।
वहीं नृत्य प्रस्तुतियों में देविका विश्वास, आयुषी चक्रवर्ती, देवव्रत चक्रवर्ती, कल्पना डे, भाग्यलक्ष्मी, रंजन सोनी, लूना दास, सोमा घोष, सुमन राय, सुमित्रा मित्र, देवनाथ, सोमेंद्र मलिक, शिवजी देवनाथ, सृष्टि सरकार, सुपर्णा मंगल, सुष्मिता देवनाथ, सुप्रिया, बिपाशा घोष, तान्या घोष, मानसी गुर्जर, स्वरूप दास बनिया, इंद्राणी दास, अर्पिता भट्टाचार्य, रेशा मंडल और सृष्टि शर्मा ने अपनी आकर्षक प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी।
कार्यक्रम के सफल संचालन और आयोजन में छत्तीसगढ़ बंगाली समाज के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस दौरान पल्लव धर, अनूप विश्वास, पार्थो चक्रवर्ती, महिला अध्यक्ष पूर्ति धर, कल्पना डे, प्रणति बारिक, अरुंधति मुखर्जी, भाग्यलक्ष्मी, मनीष साहू, रंजन, झरना मजूमदार, रूना दास, अजय विश्वास, मा दास, सोनू सरकार, अचिंत कुमार बोस, नारायण चंद्र देव, भास्कर दास, विश्वजीत पत्र, विजय कुमार दास, राखी हुआ और चंद्र चक्रवर्ती सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सामूहिक भोज का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने एक साथ मिलकर उत्सव का आनंद लिया। अंततः पल्लव धर द्वारा आभार व्यक्त करते हुए आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया गया।
यह आयोजन न केवल नव वर्ष के स्वागत का अवसर बना, बल्कि अपनी सांस्कृतिक पहचान को संजोने और समाज के बीच एकता एवं अपनत्व को मजबूत करने का भी सशक्त माध्यम साबित हुआ। पोईला वैशाख का यह उत्सव लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में जीवंत बना रहेगा।

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