नाबालिग ने घर से चुराया सोना, दोस्तों पर धमकाने का तो पुलिस पर समझौते का दबाव बनाने के गंभीर आरोप


बिलासपुर। सकरी थाना क्षेत्र के आसमां सिटी में एक नाबालिग द्वारा घर से सोने के जेवर और नकदी निकालने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस पूरे प्रकरण में जहां पुलिस नाबालिग को ही मुख्य आरोपी बता रही है, वहीं पीड़ित पिता ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पीड़ित पिता सुदीप मिश्रा ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि उनके नाबालिग बेटे ने घर की आलमारी में रखे असली सोने के जेवर निकालकर उसकी जगह नकली जेवर रख दिए थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने सकरी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद बेटे को आरोपी माना, लेकिन एफआईआर दर्ज करने के बजाय कुछ गहने बरामद कर उन्हें वापस कर दिए।
मिश्रा के अनुसार, मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे को उसके दोस्तों द्वारा धमकाया जा रहा था, जिसके दबाव में उसने अपने बैंक खाते से दो लाख रुपए से अधिक की राशि निकालकर दे दी। जब इस बात का खुलासा हुआ, तो संबंधित दोस्तों के परिजन भी उनके घर पहुंचे और विवाद बढ़ गया। इसके बाद सभी पक्ष एक बार फिर थाने पहुंचे।
पुलिस ने सभी पक्षों की बात सुनने के बाद इस बार एफआईआर दर्ज की, लेकिन इसमें भी नाबालिग बेटे को ही मुख्य आरोपी बनाया गया और आपसी समझौते की सलाह दी गई।
पीड़ित पिता ने सकरी थाना प्रभारी विजय चौधरी, आरक्षक अशफाक खान और आशीष मिश्रा पर समझौते के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनके घर से करीब 50 लाख रुपए से अधिक के सोने के जेवर बाहर बेचे गए हैं और खाते से भी बड़ी राशि निकाली गई है, लेकिन पुलिस केवल 40 हजार रुपए में समझौता कराने की बात कर रही है। उन्होंने पुलिस की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
वहीं, सकरी टीआई विजय चौधरी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पूरे मामले में नाबालिग ही आरोपी है और उसे बचाने के लिए उसके पिता झूठे आरोप लगा रहे हैं। उनके अनुसार, घर से करीब 18 तोला सोना चोरी हुआ था, जिसमें से 8 तोला सोना बरामद कर पीड़ित को वापस किया जा चुका है। शेष सोना अन्य लोगों को बेचा जा चुका है। बैंक खाते से भी केवल 1.85 लाख रुपए ही निकाले गए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस को बदनाम करने के लिए मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में नाबालिग ने स्वीकार किया है कि उसने गहने गिरवी रखकर पैसे लिए और उन्हें खाने-पीने तथा अन्य खर्चों में खर्च कर दिया।
इस पूरे मामले पर एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई अब तक सही रही है और थानेदार ने उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है। कुछ गहने बरामद कर पीड़ित को लौटाए भी जा चुके हैं। हालांकि, पुलिस अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी।
मामले में लगातार नए आरोप-प्रत्यारोप सामने आने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है।

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