बिलासपुर: नशे में वाहन चलाने वालों पर बड़ी कार्रवाई, 1186 चालकों पर केस—लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया शुरू


बिलासपुर। शहर में सड़क सुरक्षा को लेकर यातायात पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। बीते अभियान में 1186 शराबी वाहन चालकों पर कार्रवाई कर उनके प्रकरण न्यायालय भेजे गए हैं। साथ ही सभी मामलों में संबंधित चालकों के लाइसेंस निलंबन के लिए परिवहन विभाग को प्रतिवेदन भेजा गया है।


यह कार्रवाई पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में की गई। यातायात पुलिस द्वारा लगातार नियमों के पालन के लिए सघन जांच अभियान और जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण, चौंकाने वाले आंकड़े
यातायात पुलिस द्वारा सड़क दुर्घटनाओं का लगातार विश्लेषण किया जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार—
अधिकतर हादसे दोपहर 12 से शाम 4 बजे और शाम 4 से रात 9 बजे के बीच होते हैं
अधिकांश दुर्घटनाओं में 17 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवा शामिल होते हैं
राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग और एमडीआर सड़कों पर ज्यादा हादसे दर्ज होते हैं
दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण


विश्लेषण में सामने आया है कि—
नशे में वाहन चलाना
तेज गति और लापरवाही
गलत ओवरटेकिंग
अचानक लेन बदलना
हेलमेट का उपयोग न करना
ये सभी सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं।
इंजीनियरिंग सुधार और सख्ती दोनों पर जोर
यातायात पुलिस ने जहां-जहां जरूरत है, वहां सड़क सुधार, सिग्नल सिस्टम और ट्रैफिक डायवर्जन जैसे उपाय लागू किए हैं। भारी वाहनों के लिए अलग रूट तय किए जा रहे हैं और एकांगी मार्गों का उपयोग बढ़ाया जा रहा है। साथ ही सीसीटीवी कैमरों के जरिए नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।
जागरूकता अभियान भी जारी
पुलिस द्वारा स्कूल, कॉलेज, बैंकों, औद्योगिक संस्थानों और बाजारों में लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। युवाओं को विशेष रूप से ट्रैफिक नियमों के पालन के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
गोल्डन ऑवर में मुफ्त इलाज की सुविधा
सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के लिए जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों को प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत जोड़ा गया है। इसके तहत 24 घंटे के भीतर पंजीयन होने पर 7 दिनों तक 1.5 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है।


साथ ही दुर्घटना में मदद करने वाले “गुड सेमेरिटन” (राहगीर) को सम्मानित करने की व्यवस्था भी की गई है।
पुलिस की अपील
यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें, नशे में वाहन न चलाएं, हेलमेट और सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करें तथा दूसरों को भी सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रेरित करें।
पुलिस का कहना है कि सख्ती के साथ-साथ जागरूकता ही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।

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