

बिलासपुर। पुलिस व्यवस्था को अधिक मजबूत और जनहितकारी बनाने की दिशा में बिलासपुर पुलिस ने एक नई और सराहनीय पहल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं डीआईजी रजनेश सिंह (आईपीएस) के नेतृत्व में “चेतना अभियान” के तहत अब रिटायर्ड पुलिस अधिकारी और कर्मचारी भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इस पहल को “सियान चेतना” नाम दिया गया है, जिसके माध्यम से अनुभवी पूर्व पुलिसकर्मी समाज में जागरूकता फैलाने और अपराध नियंत्रण में सहयोग करेंगे।

पुलिस मैदान स्थित बिलासा गुड्डी में आयोजित एक विशेष बैठक में इस योजना की रूपरेखा तैयार की गई। बैठक में बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों के साथ वर्तमान पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह, एएसपी रामगोपाल करियारे, एएसपी रश्मित कौर और डीएसपी मंजूलता केरकट्टा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में एसएसपी रजनेश सिंह ने रिटायर्ड पुलिसकर्मियों को नई जिम्मेदारियां सौंपते हुए बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य कानून-व्यवस्था को मजबूत करना, समाज में जागरूकता बढ़ाना और पुलिस-जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना होगा।
नई व्यवस्था के तहत रिटायर्ड पुलिसकर्मी स्थानीय स्तर पर निगरानी रखने, महत्वपूर्ण सूचनाएं साझा करने, सामाजिक विवादों के समाधान में सहयोग देने और युवाओं को अपराध से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का कार्य करेंगे। इसके साथ ही वे साइबर अपराध, ठगी, महिला एवं बाल अपराध, संगठित अपराध, सड़क दुर्घटना नियंत्रण और यातायात प्रबंधन जैसे विषयों पर आम लोगों को जागरूक करेंगे।
इस पहल का स्वागत करते हुए रिटायर्ड पुलिसकर्मियों ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्हें समाज और पुलिस विभाग की सेवा का अवसर मिलेगा। उन्होंने इस जिम्मेदारी को गर्व और उत्साह के साथ निभाने की बात कही।
गौरतलब है कि इससे पहले भी एसएसपी रजनेश सिंह द्वारा ड्रोन तकनीक और बीट प्रणाली के माध्यम से पुलिसिंग को आधुनिक और प्रभावी बनाया गया है। अब अनुभवी रिटायर्ड कर्मियों को जोड़कर इस व्यवस्था को और सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस पहल से पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास और सहयोग बढ़ने की उम्मीद है। बिलासपुर पुलिस का यह मॉडल भविष्य में अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है।
