
यूनुस मेमन
बिलासपुर। लूटपाट और पत्थरबाजी के आरोप में पकड़े गए दो नाबालिग बुधवार को कोर्ट परिसर से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। दोनों नाबालिग पूरी रात खूंटाघाट डैम क्षेत्र में छिपे रहे और गुरुवार सुबह स्वयं ही थाने पहुंच गए, जिसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
जानकारी के अनुसार, रतनपुर पुलिस ने चाकूबाजी, पत्थरबाजी और लूटपाट के मामले में दो नाबालिगों को हिरासत में लिया था। उन्हें एक सब-इंस्पेक्टर सहित तीन पुलिसकर्मियों की टीम कोर्ट में पेश करने के लिए लेकर गई थी। इसी दौरान मौका पाकर दोनों नाबालिग पुलिस को चकमा देकर वहां से भाग निकले।
बताया जा रहा है कि सब-इंस्पेक्टर विष्णु यादव पर दोनों नाबालिगों से रुपए मांगने और नहीं देने पर एनकाउंटर की धमकी देने का आरोप है। इसी डर के चलते दोनों मौके से फरार हो गए। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
फरारी के बाद दोनों नाबालिग रातभर खूंटाघाट डैम क्षेत्र में छिपे रहे। गुरुवार सुबह वे खुद ही थाने पहुंच गए। माना जा रहा है कि परिचितों की समझाइश के बाद उन्होंने आत्मसमर्पण किया।
इधर, घटना के समय रतनपुर पुलिस पेंडरवा में हत्या के एक अन्य मामले में व्यस्त थी, जिसके कारण यह मामला तत्काल सामने नहीं आ सका। सुबह दोनों नाबालिगों के थाने पहुंचने के बाद पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ।
पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और कोर्ट परिसर से फरार होने की घटना को लेकर जिम्मेदारी तय की जा रही है।
