
बिलासपुर। रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक रिटायर्ड व्यक्ति से लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। तोरवा थाना पुलिस ने विशाखापट्टनम निवासी मां-बेटी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों ने फर्जी ऑफर लेटर भेजकर पीड़ित का भरोसा जीत लिया और अलग-अलग किस्तों में करीब 16 लाख रुपये ऐंठ लिए।
पुलिस के अनुसार, तोरवा क्षेत्र के साई भूमि निवासी एन. वेंकट सूर्यप्रताप ने शिकायत दर्ज कराई है कि विशाखापट्टनम निवासी तिनटी इंद्राणी (56 वर्ष) और उसकी बेटी वलिवेती वेंकट नागा कीर्ति ने उनके बेटे एन. विजय किशन को रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। शुरुआत में आरोपियों ने 6 लाख रुपये की मांग की, लेकिन रिटायरमेंट का हवाला देने पर 4 लाख रुपये लेने पर सहमत हो गए।
रकम मिलने के बाद आरोपियों ने ई-मेल के जरिए आवश्यक दस्तावेज मंगाए और बाद में रेल मंत्रालय के नाम से फर्जी नियुक्ति पत्र भेज दिया। 23 मई 2024 की तारीख वाला यह लेटर बिल्कुल असली जैसा दिखता था, जिससे पीड़ित का भरोसा और बढ़ गया।
18 ट्रांजेक्शन में ली रकम
आरोपियों ने समय-समय पर अलग-अलग बहाने बनाकर और पैसे की मांग की। पीड़ित ने अगस्त 2020 से लेकर फरवरी 2025 के बीच कुल 18 ट्रांजेक्शन में करीब 15 लाख रुपये आरोपियों के खातों में ट्रांसफर किए। भुगतान बैंक ट्रांसफर, यूपीआई और फोनपे के माध्यम से किया गया।
बताया गया कि आरोपियों ने एक बार 4 लाख रुपये अपनी बेटी के खाते में ट्रांसफर करवाए और बाद में 50-50 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग करते रहे। कोरोना महामारी और चुनाव का हवाला देकर जॉइनिंग में लगातार देरी बताई जाती रही।
डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू
जब लंबे समय तक नौकरी नहीं मिली और आरोपियों ने 12 लाख रुपये और मांगे, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने तोरवा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी अनजान व्यक्ति को पैसे देने से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।
