

बिलासपुर। बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद जिला प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों ने पोल्ट्री कारोबार को गहरे संकट में डाल दिया है। कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र में संक्रमण मिलने के बाद चिकन और अंडे की बिक्री पर रोक लगा दी गई है, जिससे कारोबार लगभग ठप हो गया है।
तीन दिन से चिकन सेंटर बंद, रोजाना भारी खर्च
शहर के चिकन सेंटर पिछले तीन दिनों से बंद हैं, वहीं पोल्ट्री फार्म से सप्लाई भी लगभग रुक गई है। इसके बावजूद पोल्ट्री व्यवसायियों को दाना, मजदूरी, बिजली-पानी और दवाइयों पर प्रतिदिन करीब 35 लाख रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं।
आंकड़ों के अनुसार, जिले में मौजूद करीब 5.50 लाख मुर्गियों के लिए रोजाना 55 टन दाना आवश्यक है।
दाना: 16.50 लाख रुपए
मजदूरी (करीब 3 हजार श्रमिक): 11.65 लाख रुपए
बिजली, पानी व सफाई: 5 लाख रुपए
दवाइयां: 2 लाख रुपए
इस स्थिति में छोटे कारोबारियों और मजदूरों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है।

कंट्रोल रूम में 18 शिकायतें दर्ज
जिला प्रशासन ने कोनी में कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जहां पिछले तीन दिनों में 18 शिकायतें दर्ज की गई हैं। व्यापारी और आम नागरिक दोनों अपनी समस्याएं और शंकाएं दर्ज करा रहे हैं।
10 करोड़ का नुकसान, सैंपल जांच जारी
संक्रमण की पुष्टि के बाद एहतियातन कुक्कुट प्रक्षेत्र में मौजूद सभी मुर्गियां, चूजे, अंडे, दाना और उपकरण नष्ट कर दिए गए, जिससे करीब 10 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
इसके अलावा 14 मार्च को सप्लाई किए गए चूजों की जांच के आदेश दिए गए हैं। मुंगेली, कोरबा, सक्ती और जांजगीर-चांपा सहित अन्य जिलों से सैंपल लिए जा रहे हैं।

रोजाना एक करोड़ से ज्यादा का व्यापार प्रभावित
चिकन और अंडों की बिक्री पर प्रतिबंध के कारण प्रतिदिन एक करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार प्रभावित हो रहा है। प्रशासन ने संक्रमण रोकने के लिए कोनी प्रक्षेत्र से 10 किलोमीटर के दायरे में सभी दुकानों, होटल, रेस्टोरेंट और बिरयानी सेंटरों को बंद करने के निर्देश दिए हैं।
व्यापारियों का विरोध, विधायक से लगाई गुहार
प्रशासन के सख्त रुख से नाराज कारोबारियों ने शुक्रवार को अमर अग्रवाल के बंगले का घेराव किया। व्यापारियों का कहना है कि करीब 200 दुकानें प्रभावित हैं और लोग भुखमरी के कगार पर पहुंच रहे हैं।
उन्होंने मांग की कि आवश्यक गाइडलाइन के साथ दुकानों को खोलने की अनुमति दी जाए। उनका यह भी कहना है कि संक्रमण केवल सरकारी हैचरी में मिला है, जबकि प्राइवेट हैचरी और दुकानों में ऐसी कोई समस्या नहीं है।

प्रशासन सख्त, निगरानी जारी
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सख्ती जरूरी है। टीम लगातार चिकन सेंटर, अंडा दुकानों और होटलों की निगरानी कर रही है, ताकि कहीं भी चोरी-छिपे बिक्री न हो सके।
बर्ड फ्लू के चलते बिलासपुर का पोल्ट्री उद्योग भारी संकट में है। एक तरफ संक्रमण का खतरा है, तो दूसरी ओर कारोबारियों और मजदूरों की आजीविका पर संकट गहरा गया है। अब सभी की नजर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के अगले फैसले पर टिकी है, जिससे संतुलन बनाते हुए राहत का रास्ता निकाला जा सके।
