

बिलासपुर। अवैध ऑनलाइन गेमिंग सट्टा के खिलाफ बिलासपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। थाना सिविल लाइन पुलिस और एसीसीयू (सायबर सेल) की संयुक्त कार्रवाई में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 45 लाख रुपये कीमत की नगदी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, वाहन और बैंक से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए हैं। यह कार्रवाई पुलिस के विशेष अभियान “प्रहार” के तहत की गई, जो वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में लगातार चलाई जा रही है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी “रिक्की” पैनल के माध्यम से Aviator, Wingo, Casino और Horse Riding जैसे ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर सट्टा संचालित कर रहे थे। इस नेटवर्क के जरिए देशभर में ग्राहकों को जोड़ा जाता था और उन्हें टेलीग्राम तथा व्हाट्सएप के माध्यम से लिंक भेजकर ऑनलाइन सट्टा खिलाया जाता था। सट्टे से होने वाले मुनाफे का 65 प्रतिशत हिस्सा हेड ऑफिस और 35 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय ब्रांच को मिलता था।
मामले में मुख्य आरोपी राजेश उर्फ राजा बजाज को रायपुर से गिरफ्तार किया गया है। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 5000 रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार वह लगातार ठिकाना बदलकर छिप रहा था। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से 6 लाख 90 हजार रुपये नगद बरामद हुए हैं और लाखों रुपये के ऑनलाइन लेन-देन के प्रमाण भी मिले हैं। उसके साथ प्रदीप खत्री को भी गिरफ्तार किया गया है, जबकि इस मामले में पहले मनोज पोपटानी को 21 दिसंबर 2025 को पकड़ा गया था, जिसकी पूछताछ में पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ था।

पुलिस ने आरोपियों के पास से लैपटॉप, महंगे मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, सट्टे के हिसाब-किताब से भरे रजिस्टर के अलावा होंडा सिटी, ब्रेजा और स्विफ्ट डिजायर जैसी कारें तथा एक्टिवा स्कूटी भी जब्त की है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी लेन-देन के लिए फर्जी सिम कार्ड और बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे और आम लोगों के खातों का उपयोग कमीशन देकर किया जाता था।

पूरे मामले में पुलिस अब आरोपियों द्वारा अवैध रूप से अर्जित चल-अचल संपत्तियों की भी जांच कर रही है। विभिन्न बैंक खातों में लाखों रुपये के ट्रांजेक्शन पाए गए हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के लिए रिमांड मांगा था, हालांकि न्यायालय ने उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आवश्यकता पड़ने पर आगे पुलिस रिमांड के लिए आवेदन किया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन सट्टा जैसे अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
