ई-केवाईसी नहीं कराने वाले 1 लाख गैस कनेक्शन अस्थायी रूप से बंद, सिलेंडर वितरण पर रोक, दूसरी ओर अवैध गैस सिलेंडर भंडारण के खिलाफ कार्यवाही जारी


बिलासपुर। जिले में गैस की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए ऑयल कंपनियों ने बड़ा कदम उठाया है। ई-केवाईसी नहीं कराने वाले करीब 1 लाख उपभोक्ताओं के गैस कनेक्शन अस्थायी रूप से डी-एक्टिवेट कर दिए गए हैं। अब ऐसे उपभोक्ताओं को तब तक गैस सिलेंडर नहीं मिलेगा, जब तक वे अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं कर लेते।
अधिकारियों के अनुसार जिले में कुल 4.30 लाख गैस कनेक्शन हैं, जिनमें से लगभग 75 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने ई-केवाईसी करा ली है। शेष उपभोक्ताओं को कई बार सूचना और अपील के बावजूद प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर यह कार्रवाई की गई है। बताया जा रहा है कि इनमें से कई उपभोक्ता लंबे समय तक सिलेंडर नहीं लेते थे, लेकिन हाल में गैस की किल्लत की आशंका के बीच अचानक बुकिंग शुरू कर दी, जिससे एजेंसियों में भीड़ बढ़ गई।
एलपीजी नोडल अधिकारी हेमप्रकाश साहू ने बताया कि बिना ई-केवाईसी वाले कनेक्शन अस्थायी रूप से बंद किए गए हैं। जैसे ही उपभोक्ता अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करेंगे, उनके कनेक्शन दोबारा चालू कर दिए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमित और पात्र उपभोक्ताओं के लिए गैस की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।


छापेमारी में 363 सिलेंडर जब्त


इधर, खाद्य विभाग ने कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए दयालबंद क्षेत्र में नदी किनारे स्थित एक किराए के मकान पर छापा मारा, जहां से 363 सिलेंडर जब्त किए गए। इनमें 100 घरेलू (14.2 किलो) और 263 छोटे (5 किलो) सिलेंडर शामिल हैं। मौके से बर्नर, रेगुलेटर सहित अन्य उपकरण भी बरामद किए गए।
जांच में सामने आया कि जूना बिलासपुर स्थित ‘किचन केयर’ के संचालक हर्ष गुप्ता ने यह मकान किराए पर लिया था। आशंका है कि यहां से छोटे सिलेंडर छात्रों को सप्लाई किए जा रहे थे। फिलहाल आरोपी फरार है और उसकी तलाश की जा रही है।
ऐसे कराएं ई-केवाईसी
उपभोक्ता अपनी नजदीकी गैस एजेंसी में जाकर आधार कार्ड, कंज्यूमर नंबर और मोबाइल नंबर के साथ ई-केवाईसी करा सकते हैं। सत्यापन बायोमेट्रिक या ओटीपी के माध्यम से किया जाएगा। इसके अलावा संबंधित कंपनी की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए भी यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
छात्रों के लिए विकल्प उपलब्ध
फूड कंट्रोलर अमृत कुजूर ने बताया कि 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर एजेंसियों में आसानी से उपलब्ध हैं। छात्रों को किसी भी निजी विक्रेता या ब्लैक में सिलेंडर लेने की जरूरत नहीं है। एजेंसियों से लिए गए सिलेंडर सुरक्षित होने के साथ-साथ किफायती भी हैं।
प्रशासन ने सभी उपभोक्ताओं से जल्द से जल्द ई-केवाईसी कराने की अपील की है, ताकि गैस आपूर्ति सुचारू रूप से बनी रहे और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।

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