

बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के राजमोहिनी देवी गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने हॉस्टल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। छात्राओं ने ई-मेल के माध्यम से अपनी समस्याएं बताते हुए हॉस्टल के माहौल को तनावपूर्ण और अत्यधिक प्रतिबंधों से भरा बताया है। उनका कहना है कि इन परिस्थितियों का उनके मानसिक स्वास्थ्य और पढ़ाई पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
छात्राओं ने हॉस्टल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ई-मेल में छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया है कि हॉस्टल की मैट्रन, वार्डन और चीफ वार्डन कई बार उनसे रूखे और असम्मानजनक तरीके से बात करती हैं। छात्राओं के अनुसार हॉस्टल में कई ऐसे प्रतिबंध लागू हैं जो आधिकारिक हॉस्टल गाइडलाइन में दर्ज नहीं हैं।
छात्राओं का कहना है कि शनिवार और रविवार जैसे अवकाश के दिनों में भी उन्हें हॉस्टल से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाती। इसके अलावा बाहर जाने के लिए एक दिन पहले आवेदन देने की शर्त रखी गई है, जिससे अचानक आने वाली परिस्थितियों में उन्हें काफी परेशानी होती है।
संभावित कार्रवाई के डर से छात्राओं ने अपनी शिकायत गुमनाम ई-मेल आईडी के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन को भेजी है।
जांच के निर्देश
इस संबंध में विश्वविद्यालय के मीडिया सेल प्रभारी डॉ. मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि राजमोहिनी हॉस्टल की छात्राओं से संबंधित ई-मेल प्राप्त हुआ है। मामले की जांच छात्र कल्याण अधिष्ठाता द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार ही छात्राओं को हॉस्टल से बाहर जाने की अनुमति दी जाती है और भोजन भी निर्धारित मानकों के अनुसार उपलब्ध कराया जा रहा है।
