
शशि मिश्रा

बिलासपुर। साढ़े तीन साल पुराने चर्चित जानलेवा हमले के मामले में स्पेशल कोर्ट (एट्रोसिटी एक्ट) ने बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश लक्केश प्रताप सिंह बघेल की अदालत ने मुख्य आरोपी रितेश निखारे उर्फ मैडी समेत 13 आरोपियों को हत्या के प्रयास और आपराधिक साजिश का दोषी पाते हुए 7-7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
यह मामला 7 मई 2023 का है, जब हैवंस पार्क होटल के सामने आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला किया था। पुलिस जांच में आरोपियों के पास से फरसा, पाइप, चाकू और बेस स्टिक जैसे हथियार बरामद किए गए थे। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपियों ने संगठित होकर हमले की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया।
कोर्ट ने सभी 13 आरोपियों को हत्या के प्रयास में 7 वर्ष की सजा दी है। इसके अलावा बलवा और आपराधिक साजिश की धाराओं में 1 से 2 वर्ष की अतिरिक्त सजा और जुर्माना भी लगाया गया है। हालांकि पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में अदालत ने आरोपियों को अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराओं से दोषमुक्त कर दिया।
कोर्ट परिसर में वीडियो वायरल
फैसले के बाद सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कोर्ट परिसर के बाहर भीड़ नजर आ रही है। वीडियो में मैडी समर्थकों से मिलते दिखाई दे रहा है और कथित तौर पर अपने साथियों से कहता दिख रहा है— “हंस के चार महीने काट लेंगे, बिलकुल लोड नहीं लेना।” इस वीडियो को लेकर शहर में चर्चा का माहौल है।
राजनीतिक कनेक्शन की भी चर्चा
इस मामले के बाद राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस से बिलासपुर लोकसभा प्रत्याशी रहे देवेंद्र यादव के साथ मैडी की एक पुरानी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। बताया जा रहा है कि देवेंद्र यादव के जन्मदिन पर मैडी उनसे मिलने भिलाई गया था और दोनों की हाथ पकड़कर एकता का संदेश देती तस्वीर साझा की गई थी, जो अब चर्चा में है।
इधर, कोर्ट के बाहर कांग्रेस नेता पंकज सिंह, धर्मेश शर्मा सहित कई लोग मैडी से मिलने पहुंचे थे।
आपराधिक रिकॉर्ड
बताया जाता है कि रितेश निखारे उर्फ मैडी के खिलाफ हत्या, बलवा और मारपीट समेत 20 से अधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से 18 सिविल लाइन थाने में पंजीबद्ध हैं। अपराध जगत में उसे बिलासपुर का ‘डॉन’ भी कहा जाता रहा है।
दोषी करार दिए गए आरोपी
सिद्धार्थ शर्मा उर्फ छोटू, फरीद अहमद उर्फ सोनू, आयुष मराठा, एम. वरुण, निकेत शर्मा, काव्य गढ़ेवाल, रूपेश दुबे, आदित्य प्रकाश दुबे, सोनू माली, मोहम्मद साबिर, विकास वैष्णव, विराज सिंह ध्रुव और रितेश निखारे उर्फ मैडी को अदालत ने दोषी करार दिया है।
अभियोजन की पैरवी
अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक धन सिंह सोलंकी ने पैरवी की। पुलिस ने 13 गवाहों के बयान और घटना स्थल से बरामद 15 महत्वपूर्ण दस्तावेज अदालत में पेश किए, जो आरोपियों को सजा दिलाने में निर्णायक साबित हुए।
फैसले के बाद शहर में इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।
