

बिलासपुर। प्राकृतिक एवं वैकल्पिक चिकित्सा के क्षेत्र में शहर के नवल वर्मा ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने डिप्लोमा इन एक्यूप्रेशर थेरेपी (D.A.T.) का ऑनलाइन पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण कर प्रमाणपत्र प्राप्त किया है। यह प्रमाणपत्र Bhumi Elixirs Institute of Naturopathy Training & Research द्वारा प्रदान किया गया, जिसमें उन्हें एक सक्षम थेरेपिस्ट के रूप में मान्यता दी गई है।
यह सफलता उनके समर्पण, अनुशासन और सेवा-भाव का परिचायक मानी जा रही है। नवल वर्मा की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य जागरूकता और प्राकृतिक उपचार पद्धतियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम है।
निःशुल्क सेवा का संकल्प

एस भारत न्यूज़ से चर्चा के दौरान नवल वर्मा ने बताया कि एक्यूप्रेशर मूलतः भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति है, जो औषधियों पर निर्भर नहीं है। इसमें शरीर के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष दबाव देकर उपचार किया जाता है। उन्होंने दावा किया कि इस पद्धति के कोई दुष्प्रभाव नहीं होते और कई जटिल रोगों में भी इससे लाभ संभव है।
उन्होंने संकल्प व्यक्त किया कि वे मानव सेवा के भाव से निःशुल्क एक्यूप्रेशर चिकित्सा सेवा प्रदान करेंगे तथा समय-समय पर निःशुल्क चिकित्सा शिविरों का आयोजन कर लोगों को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाएंगे। साथ ही भविष्य में इस क्षेत्र में उच्च स्तरीय डिग्री प्राप्त कर अधिक से अधिक लोगों को इस पद्धति से जोड़ने की योजना भी है।

बढ़ेगी वैकल्पिक चिकित्सा की लोकप्रियता
आज के समय में जब लोग दवाइयों पर अत्यधिक निर्भर होते जा रहे हैं, ऐसे में प्राकृतिक और वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों की ओर बढ़ता रुझान सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। बिलासपुर में पहले से ही कई स्थानों पर एक्यूप्रेशर के स्थायी शिविर संचालित हो रहे हैं। नवल वर्मा जैसे प्रशिक्षित और प्रमाणित लोगों के आगे आने से इस पद्धति की विश्वसनीयता और लोकप्रियता में वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।
समाज के सजग नागरिक के रूप में लिया गया उनका सेवा-संकल्प स्वास्थ्य जागरूकता, आत्मनिर्भरता और संतुलित जीवनशैली का संदेश देगा। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे शहर के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।
