

बिलासपुर। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर आज महाशिवरात्रि का पावन पर्व विशेष योग-संयोगों में मनाया जा रहा है। इस वर्ष सर्वार्थ सिद्धि योग, शुक्रादित्य योग और श्रवण नक्षत्र का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसे ज्योतिषाचार्य शिव आराधना, व्रत और साधना के लिए अत्यंत शुभ मान रहे हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिव पुराण में वर्णित है कि इसी तिथि को देवों के देव भगवान शिव ज्योतिर्लिंग स्वरूप में प्रकट हुए थे। इसलिए महाशिवरात्रि को शिव के प्राकट्य उत्सव के रूप में मनाया जाता है।

चतुर्दशी तिथि व पूजन मुहूर्त
चतुर्दशी तिथि का आरंभ 15 फरवरी को शाम 5:06 बजे से होकर 16 फरवरी शाम 5:34 बजे तक रहेगा। प्रदोष युक्त निशीथ काल के आधार पर व्रत और पूजा आज ही की जा रही है।
चार पहर पूजन मुहूर्त इस प्रकार हैं:
प्रथम पहर: शाम 6:14 बजे से रात 9:27 बजे तक
द्वितीय पहर: रात 9:28 बजे से 12:41 बजे तक
तृतीय पहर: रात 12:42 बजे से 3:54 बजे तक
चतुर्थ पहर: प्रातः 3:55 बजे से सुबह 7:07 बजे तक
निशीथ काल: रात 12:15 बजे से 1:06 बजे तक (विशेष फलदायी)


पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग प्रभावी रहेगा। सूर्य और शुक्र ग्रह के कुंभ राशि में एक साथ विराजमान होने से शुक्रादित्य योग का निर्माण हो रहा है, जिसे अत्यंत शुभ संयोग माना जा रहा है।

मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें
सुबह से ही शहर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। जोरापारा स्थित शिव मंदिर और मध्यनगरी के पंचायती शिव मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और षोडशोपचार पूजन किया गया। भक्तों ने बेलपत्र, धतूरा, आक, दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से अभिषेक कर भोलेनाथ का पूजन किया।

“ॐ नमः शिवाय” और शिव भजनों की गूंज से पूरा शहर शिवमय हो उठा। अविवाहित युवतियों में विशेष उत्साह देखा गया, क्योंकि मान्यता है कि शिव आराधना से मनचाहे वर की प्राप्ति होती है।
निकली शिव बाबा की भव्य बारात
आज सुबह 8 बजे ‘शिव बाबा की बारात’ निकाली गई, जिसमें शिव भक्तों ने झांकियों और भजनों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया। जगह-जगह भंडारे का आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
बाबा बर्फानी व द्वादश ज्योतिर्लिंग दर्शन
महाशिवरात्रि के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज हेमूनगर व देवरीखुर्द सेवाकेंद्रों के संयुक्त तत्वावधान में बुधवारी बाजार स्थित रामलीला मैदान में 15-16 फरवरी को भव्य आध्यात्मिक प्रदर्शनी आयोजित की गई है। यहां अमरनाथ गुफा की झांकी, बाबा बर्फानी के दर्शन तथा भारत के नक्शे पर स्थापित 12 ज्योतिर्लिंगों की सजीव प्रस्तुति की जा रही है। कार्यक्रम सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक निशुल्क खुला है।


इसके साथ ही आध्यात्मिक चित्र प्रदर्शनी और व्यसन मुक्ति संदेश के माध्यम से समाज को तनावमुक्त व नशामुक्त जीवन का संदेश दिया जा रहा है।
महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर पूरा शहर भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंगा नजर आया। देर रात तक मंदिरों में पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का क्रम जारी रहने की संभावना है।

