

बिलासपुर। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची से नाम काटे जाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं बेलतरा से कांग्रेस के विधानसभा उम्मीदवार विजय केशरवानी ने आरोप लगाया है कि सुनियोजित तरीके से मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से विलोपित कराने की कोशिश की जा रही है।
विजय केशरवानी ने गुरुवार को दावा किया कि बूथ क्रमांक 194 में आठ महिला मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फार्म-7 भरकर बीएलओ को जमा किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि आवेदन में आवेदक के रूप में “पुष्पा” नाम दर्ज है, जबकि पड़ताल में इस नाम की कोई महिला सामने नहीं आई। कांग्रेस का कहना है कि जिन महिलाओं को मृत या बाहरी बताया गया है, वे जीवित हैं और वर्ष 2003 से मतदाता सूची में दर्ज हैं।
कांग्रेस नेता ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य और केंद्र सरकार के इशारे पर निर्वाचन से जुड़े अधिकारी दबाव में काम कर रहे हैं। उनका आरोप है कि अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है। विजय केशरवानी ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का असर संबंधित परिवारों पर पड़ेगा और वे सरकारी योजनाओं से भी वंचित हो सकते हैं।

इससे पहले भी बेलतरा क्षेत्र के एक वार्ड में 117 मतदाताओं के नाम विलोपित कराने के लिए फार्म-7 जमा किए जाने का मामला सामने आया था। कांग्रेस का दावा है कि उक्त आवेदन भी फर्जी नाम से दिया गया था। इस मामले को लेकर बुधवार को कलेक्टोरेट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय मतदाताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था।
विजय केशरवानी ने निर्वाचन अधिकारियों और बीएलओ से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव में न आएं और वास्तविक मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नाम विलोपित करने की कार्रवाई नहीं रोकी गई तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन और न्यायालय तक लड़ाई लड़ेगी।
हालांकि, इस संबंध में निर्वाचन अधिकारियों की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है।
