

गुरुग्राम/कानपुर।
शक की बीमारी ने एक और परिवार को पूरी तरह तबाह कर दिया। कानपुर में करीब आठ साल पहले शादी के बंधन में बंधे पति-पत्नी का रिश्ता गुरुग्राम में आकर दर्दनाक अंजाम तक पहुंच गया। पत्नी की हत्या के आरोप में पुलिस ने पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार, कानपुर निवासी सनी और शीलू की शादी लगभग आठ साल पहले हुई थी। शुरुआती चार साल तक दोनों का दांपत्य जीवन सामान्य और स्थिर रहा। इसके बाद दोनों रोज़गार के सिलसिले में गुरुग्राम आ गए और किराए के कमरे में रहने लगे। शीलू एक निजी कंपनी में चेकर के पद पर काम करने लगी, जबकि सनी को कोई स्थायी नौकरी नहीं मिली और वह छोटे-मोटे काम करके घर चलाने की कोशिश करता रहा।
समय के साथ सनी को शीलू के चरित्र पर शक होने लगा। उसे आशंका थी कि शीलू का उसी कंपनी में काम करने वाले किसी व्यक्ति से संबंध है। इसी शक को लेकर पति-पत्नी के बीच आए दिन विवाद होने लगे। छोटी-छोटी बातों पर झगड़े बढ़ते चले गए। घर के खर्च की मुख्य जिम्मेदारी शीलू पर थी, जिससे तनाव और गहराता गया।
बताया जा रहा है कि सनी ने पहले से योजना बनाकर अपने दोनों बच्चों को कानपुर उनके ननिहाल छोड़ दिया। इसके करीब 15 दिन बाद, पत्नी से हुए एक और विवाद के बाद सनी गुस्से में आ गया। रात में जब शीलू गहरी नींद में सो गई, तब सनी ने तकिया उसके मुंह पर रखकर गला घोंट दिया और उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद सनी करीब दो घंटे तक शव के पास बैठा रहा। जब उसे कोई रास्ता नहीं सूझा, तो वह बाहर से कमरे में ताला लगाकर फरार हो गया। करीब 12 घंटे बाद उसने अपने साले को फोन कर बताया कि उसकी बहन की मौत हो गई है और इसके बाद मोबाइल बंद कर लिया।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे से शीलू का शव बरामद किया। सनी के वापस लौटते ही पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि शक किस तरह रिश्तों को खत्म कर देता है। इस वारदात में न केवल शीलू की जान गई, बल्कि सनी की जिंदगी भी जेल की सलाखों के पीछे चली गई और दोनों के दो मासूम बच्चों का भविष्य अंधकार में डूब गया।
