

गोरखपुर। 30 जनवरी की सुबह गोरखपुर के पीपीगंज थाना क्षेत्र में 35 वर्षीय महिला का नग्न अवस्था में शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। महिला के चेहरे पर भारी वस्तु से वार किए जाने के निशान थे। शुरुआती जांच में मामला दुष्कर्म और हत्या का प्रतीत हो रहा था, लेकिन पुलिस जांच आगे बढ़ी तो जो सच सामने आया, उसने सभी को झकझोर कर रख दिया।
मृतका की पहचान प्रिया के रूप में हुई, जो महाराष्ट्र में रहती थी। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसके प्रेमी और उसकी पत्नी ने मिलकर की थी।
2012 से शुरू हुई प्रेम कहानी, रिश्तों में उलझा मामला
पुलिस के अनुसार वर्ष 2012 में विजय मुंबई में एक निजी बीमा कंपनी में काम करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात प्रिया से हुई। बातचीत बढ़ी और दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। बाद में दोनों ने मंदिर में शादी भी कर ली। इस दौरान प्रिया से विजय को एक बेटा भी हुआ।
बेटे के जन्म के बाद दोनों के संबंध बिगड़ने लगे। विजय प्रिया को छोड़कर अलग रहने लगा। तलाक की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। वर्ष 2014 में विजय गोरखपुर लौट आया, जहां परिवार ने उसकी शादी संध्या से करवा दी। शादी के बाद विजय संध्या को लेकर फिर मुंबई चला गया।
इंस्टाग्राम से दोबारा जुड़ाव, बढ़ता तनाव
मुंबई में रहते हुए विजय और प्रिया के बीच इंस्टाग्राम के जरिए फिर बातचीत शुरू हो गई। दोनों दोबारा मिलने लगे। इस दौरान विजय कई-कई दिनों तक घर से गायब रहने लगा। धीरे-धीरे संध्या को पति और प्रिया के रिश्ते की जानकारी हो गई।
इधर प्रिया विजय पर दबाव बनाने लगी कि वह उसे अपने साथ गोरखपुर ले जाए। इसी दबाव में विजय अपनी पत्नी संध्या और प्रेमिका प्रिया — दोनों को लेकर गोरखपुर पहुंचा।
शराब पार्टी, घूमना और फिर हत्या
गोरखपुर पहुंचकर विजय दोनों महिलाओं के साथ दो दिन होटल में रुका। शराब पार्टी की, शहर घुमाया। तीसरे दिन रात में ऑटो और फिर स्कूटी से शराब पीते हुए घूमता रहा। इसी दौरान शराब के नशे में प्रिया ने धमकी दी कि अगर उसके साथ कुछ गलत हुआ तो वह पूरे परिवार को बदनाम कर देगी।
पुलिस के अनुसार इसी बातचीत के दौरान संध्या ने प्रिया को मार देने की बात कही। इसके बाद विजय ने प्रिया का गला दबाकर हत्या कर दी। पहचान छुपाने के इरादे से उसके कपड़े उतार दिए गए और ईंट से सिर कुचल दिया गया। शव को घटनास्थल पर ही छोड़ दिया गया।
अयोध्या जाकर मुंडन, पहचान मिटाने की कोशिश
हत्या के बाद विजय और संध्या सीधे अयोध्या पहुंचे। वहां विजय ने मुंडन कराया, नदी में स्नान किया और दोनों ने कपड़े बदल लिए। पुलिस का मानना है कि यह सब सीसीटीवी से पहचान छुपाने के लिए किया गया।
सीसीटीवी से खुला राज
हालांकि पुलिस को एक सीसीटीवी फुटेज मिल गया, जिसमें एक स्कूटी पर तीन लोग सवार दिखाई दिए। स्कूटी विजय के ससुर के नाम पर पंजीकृत थी। इसी सुराग के आधार पर पुलिस विजय तक पहुंची और पूछताछ में पूरा मामला सामने आ गया।
बेटे से किया था वादा, मां कभी लौटकर नहीं आई
बताया गया कि प्रिया अपने इकलौते बेटे से यह कहकर गोरखपुर आई थी कि वह उसके पिता को वापस लेकर आएगी। लेकिन वह कभी लौटकर नहीं आ सकी। महाराष्ट्र से आई प्रिया की बहनों ने गोरखपुर में उसका अंतिम संस्कार किया। बेटे ने वीडियो कॉल के जरिए आखिरी बार मां के दर्शन किए।
पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी विजय और उसकी पत्नी संध्या को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में हत्या, साजिश और साक्ष्य मिटाने जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
