रतनपुर में राजस्व अभिलेखों से नाम विलोपित करने का आरोप, कलेक्टर से शिकायत उच्चस्तरीय जांच की मांग,

यूनुस मेनन

रतनपुर/बिलासपुर।

तहसील रतनपुर में राजस्व अभिलेखों से मृतक खातेदार का नाम विलोपित कर भूमि हड़पने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस संबंध में कोरबा जिले के पाली निवासी राममुरारी जायसवाल ने कलेक्टर बिलासपुर को शिकायत सौंपते हुए तहसीलदार रतनपुर, हल्का पटवारी एवं तहसील कार्यालय की लिपिक पर धोखाधड़ी, कूटरचना और सांठ-गांठ का आरोप लगाया है।
शिकायत के अनुसार ग्राम रतनपुर स्थित खसरा नंबर 3604/3, 3604/25, 3604/23 एवं 3604/24 की भूमि पूर्व में स्वर्गीय मोतीचंद जायसवाल एवं अन्य सहखातेदारों के नाम संयुक्त रूप से दर्ज थी। आरोप है कि मोतीचंद जायसवाल के निधन के बाद उनके वैधानिक उत्तराधिकारियों की जानकारी होने के बावजूद पटवारी द्वारा उन्हें निःसंतान दर्शाते हुए पंचनामा तैयार किया गया और तहसीलदार न्यायालय से कथित रूप से मिलीभगत कर उनका नाम राजस्व रिकॉर्ड से हटा दिया गया।
शिकायतकर्ता ने बताया कि उक्त भूमि को लेकर जिला न्यायालय बिलासपुर में पूर्व में व्यवहार वाद का निर्णय पारित हो चुका है, जो वर्तमान में उच्च न्यायालय बिलासपुर में अपीलाधीन है। इसके बावजूद लंबित विवाद की भूमि का नामांतरण कर दिया जाना गंभीर अनियमितता की ओर इशारा करता है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्वर्गीय मोतीचंद जायसवाल द्वारा अपने जीवनकाल में दिनांक 27 दिसंबर 2023 को पंजीकृत वसीयतनामा किया गया था, जिसके आधार पर वसीयतधारियों ने नामांतरण के लिए आवेदन प्रस्तुत किए थे। आरोप है कि इन प्रकरणों में जानबूझकर ईश्तहार जारी नहीं किया गया और एक ही मामले को ऑफलाइन व ऑनलाइन दो अलग-अलग प्रकरणों के रूप में दर्ज कर आवेदकों को नुकसान पहुंचाया गया।
प्रशासन का पक्ष
इस पूरे मामले पर तहसीलदार रतनपुर शिल्पा भगत का कहना है कि जिस भूमि के लिए वसीयत के आधार पर आवेदन प्रस्तुत किया गया था, वह भूमि वसीयतनामा में उल्लेखित नहीं थी। इसी कारण आवेदक सरोज जायसवाल, रामसजीवन जायसवाल एवं राममुरारी जायसवाल का नामांतरण आवेदन खारिज किया गया और शेष खातेदारों के नाम यथावत रखे गए।,

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