
शशि मिश्रा

बिलासपुर।
अपने वर्ग में स्वच्छ भारत मिशन के तहत पूरे देश में दूसरा स्थान हासिल कर चुके बिलासपुर शहर की स्वच्छता की छवि पर अब सवाल उठने लगे हैं। कारण है स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत विकसित किया गया हैप्पी स्ट्रीट, जहां नगर निगम की लापरवाही स्वच्छता अभियान की उपलब्धियों पर पानी फेरती नजर आ रही है।

शनिचरी बाजार पचरी घाट के पास अरपा नदी के किनारे विकसित हैप्पी स्ट्रीट को शहर के प्रमुख पर्यटन और मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। पहले यह क्षेत्र सड़क हुआ करता था, जहां फल व्यवसायी अपनी दुकानें लगाया करते थे। बाद में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत सड़क के एक हिस्से को घेरकर यहां मनोरंजन पार्क, टहलने के स्थान और आमोद-प्रमोद की सुविधाएं विकसित की गईं। दिनभर और विशेषकर शाम होते ही यहां बड़ी संख्या में लोग घूमने, मनोरंजन करने और सुकून के पल बिताने पहुंचते हैं।
पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यहां महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग प्रसाधन कक्ष भी बनाए गए हैं, ताकि लोग खुले में गंदगी न फैलाएं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि ये दोनों प्रसाधन कक्ष हमेशा ताले में बंद रहते हैं। नियमित रूप से यहां आने वाले लोगों का कहना है कि वॉशरूम उपलब्ध होने के बावजूद आमजन के उपयोग के लिए उन्हें कभी खोला ही नहीं जाता।

प्रसाधन कक्ष बंद होने के कारण लोग मजबूरी में अरपा नदी के किनारे या आसपास लघु शंका करते देखे जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में गंदगी फैल रही है और पर्यटन स्थल की सुंदरता भी प्रभावित हो रही है। सवाल यह उठता है कि जब करोड़ों की लागत से सुविधाएं बनाई गई हैं, तो उन्हें जनता के लिए खोलने में नगर निगम क्यों विफल है।
स्वच्छता में देशभर में दूसरा स्थान पाने वाले शहर में ऐसी अव्यवस्था लोगों को आक्रोशित कर रही है। स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों ने नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि तत्काल प्रसाधन कक्षों को नियमित रूप से खुलवाया जाए और उनकी साफ-सफाई व देखरेख की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि हैप्पी स्ट्रीट सच मायनों में स्वच्छता और स्मार्ट सिटी की पहचान बन सके।

