
शशि मिश्रा

रायगढ़।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के खरसिया थाना क्षेत्र अंतर्गत चोड़हा गांव स्थित मंगल कार्बन प्लांट में गुरुवार को एक भीषण औद्योगिक हादसा हो गया। प्लांट में पुराने टायरों को गलाने (रिसाइक्लिंग) की प्रक्रिया के दौरान अचानक हुए जोरदार विस्फोट से आग और गर्म गैस फैल गई, जिसकी चपेट में आकर आठ लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों में एक 9 महीने की मासूम बच्ची भी शामिल है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विस्फोट इतना तेज था कि पूरे प्लांट में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के बाद आग तेजी से फैल गई, जिससे आसपास काम कर रहे मजदूर बाहर निकलने का मौका भी नहीं पा सके। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और राहत कार्य शुरू किया गया। सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल रायगढ़ में भर्ती कराया गया।
70 से 80 प्रतिशत तक झुलसे मजदूर
डॉक्टरों के मुताबिक कई घायलों का शरीर 70 से 80 प्रतिशत तक झुलस चुका है, जिससे उनकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। घायलों में इंद्रजीत खड़िया, साहेब राम (40) निवासी राजघट्टा, उसका बेटा शिव (28), इंद्रवद (19), प्रिया, उदासीन निवासी खरसिया तथा उसकी 9 माह की बेटी भूमि शामिल हैं।
तकनीकी गड़बड़ी या दबाव बढ़ने से विस्फोट की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा टायर गलाने की प्रक्रिया के दौरान अचानक दबाव बढ़ने या तकनीकी खराबी के कारण हुआ हो सकता है। हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने प्लांट क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया और जांच शुरू कर दी है।
सुरक्षा मानकों की जांच शुरू
सीएमएचओ डॉ. अनिल कुमार जगत ने बताया कि सभी घायलों की स्थिति गंभीर है और उन्हें विशेष निगरानी में इलाज दिया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर उन्हें बड़े अस्पताल रेफर किया जा सकता है। वहीं प्रशासन ने फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों के पालन की जांच शुरू कर दी है और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।
हादसे के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ितों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। यह घटना एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती
