अप्रैल 2027 तक तैयार होगा प्रदेश का पहला भारत माता मंदिर, मुंगेली में 2 एकड़ में आकार ले रहा देश का दूसरा भारत माता मंदिर, जनकल्याण का बनेगा केंद्र


मुंगेली।
छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में प्रदेश का पहला और देश का दूसरा भारत माता मंदिर अब साकार रूप ले रहा है। लंबे अंतराल के बाद मंदिर का निर्माण कार्य दोबारा शुरू हो गया है और इसे अप्रैल 2027 के पहले सप्ताह तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। दो एकड़ भूमि पर लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह मंदिर पूरी तरह जनसहयोग से तैयार किया जा रहा है।
इस भारत माता मंदिर की खासियत यह है कि इसे केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सेवा और सांस्कृतिक जागरण का एक बहुआयामी केंद्र बनाया जा रहा है। मंदिर परिसर में वृद्धाश्रम, आरोग्यधाम, महिला स्वावलंबन केंद्र, युवाकल्याण केंद्र, योग एवं सांस्कृतिक केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
2013 में रखी गई थी नींव
भारत माता मंदिर की परिकल्पना पंडरिया के पूर्व विधायक फूलचंद जैन ने की थी। उनके पुत्र प्रकाश जैन (लोढ़ा) ने बताया कि मंदिर निर्माण के लिए 9 फरवरी 2013 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत और पूर्व विधायक फूलचंद जैन ने भूमिपूजन किया था। प्रकाश जैन ने कहा कि इस मंदिर का उद्देश्य यह संदेश देना है कि हम सभी भारत माता की संतान हैं और समाज के हर वर्ग की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर से शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, महिला, युवा और वृद्ध कल्याण, योग, ध्यान, व्यायाम, व्यसनमुक्ति और सांस्कृतिक जागरण से जुड़ी कई योजनाओं को जोड़ा गया है।
स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति भी होगी सहेजी
भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद मंदिर प्रशासन ने निर्णय लिया है कि परिसर में जिले के 36 स्वतंत्रता सेनानियों के नामों का शिलालेख भी लगाया जाएगा। इनमें देवरी गांव के 22 स्वतंत्रता सेनानी शामिल हैं। इससे आने वाली पीढ़ियों को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और सेनानियों के योगदान से अवगत कराया जा सकेगा।
मंदिर परिसर में होंगी ये प्रमुख सुविधाएं
1. वृद्धाश्रम
ऐसे बुजुर्गों के लिए सम्मानजनक जीवन की व्यवस्था की जाएगी, जो पारिवारिक दायित्वों से मुक्त हैं। उनके अनुभव और ज्ञान का उपयोग समाजहित में किया जाएगा और उनके लिए सक्रिय व सृजनात्मक दिनचर्या सुनिश्चित होगी।
2. आरोग्यधाम
प्राकृतिक चिकित्सा और आयुर्वेद पर आधारित केंद्र में पंचगव्य और गो-मूत्र से निर्मित औषधियों के माध्यम से निर्धन मरीजों को निशुल्क तथा अन्य को नाममात्र शुल्क पर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। नियमित स्वास्थ्य शिविर भी लगाए जाएंगे।
3. महिला कल्याण समूह व कुटीर उद्योग
महिलाओं और युवतियों को लघु व कुटीर उद्योगों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की योजना है, जिससे उन्हें सम्मानजनक आजीविका मिल सके।
4. युवाकल्याण केंद्र
युवाओं के शारीरिक और बौद्धिक विकास के लिए व्यायाम केंद्र, पुस्तकालय और स्वाध्याय की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। देशभक्ति और सेवा भावना को बढ़ावा देने के लिए प्रेरक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। निर्धन विद्यार्थियों को निशुल्क अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी।
5. योग एवं सांस्कृतिक केंद्र
यहां योग, ध्यान और प्राणायाम की नियमित कक्षाएं संचालित होंगी। साथ ही पुष्प उद्यान, बाल मनोरंजन वाटिका, औषधीय वनस्पति उद्यान, नक्षत्र वाटिका और संत-महापुरुषों की जयंती व पुण्यतिथि पर विशेष आयोजन किए जाएंगे।
तेज गति से चल रहा निर्माण कार्य
मंदिर को तय समय में पूरा करने के लिए मजदूरों द्वारा तेजी से निर्माण कार्य किया जा रहा है। मंदिर प्रशासन का दावा है कि अगले 13 महीनों में मुख्य संरचना और सुविधाएं लगभग पूरी कर ली जाएंगी।
भारत माता मंदिर के पूर्ण होने के बाद यह न केवल आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि सामाजिक सेवा, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रभाव को मजबूत करने वाला एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी स्थल भी होगा।

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