

बिलासपुर।
समय पर इलाज और डॉक्टरों की तत्परता से एक मासूम की जान बच गई। बिल्हा क्षेत्र में रहने वाली 5 वर्षीय बच्ची मीनाक्षी तिवारी ने शनिवार रात खेलते समय 2 रुपये का सिक्का निगल लिया। सिक्का गले के निचले हिस्से में फंस गया, जिससे बच्ची को सांस लेने और निगलने में परेशानी होने लगी।
परिजन घबराकर बच्ची को तत्काल शहर के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां एक्स-रे जांच में स्थिति गंभीर पाई गई। डॉक्टरों ने बिना देरी किए बच्ची को सिम्स अस्पताल, बिलासपुर रेफर कर दिया। रात के समय सिम्स पहुंचने पर दोबारा किए गए एक्स-रे में साफ हुआ कि सिक्का गले के निचले हिस्से में अटका हुआ है, जिससे बच्ची की जान को खतरा हो सकता था।
रात करीब 12:30 बजे सिम्स के ईएनटी विभाग की टीम ने तुरंत इलाज शुरू किया। डॉक्टरों ने दूरबीन तकनीक (एंडोस्कोपी) की मदद से बेहद सावधानीपूर्वक बच्ची के गले में फंसे सिक्के को बाहर निकाल लिया। यह प्रक्रिया नाजुक थी, लेकिन डॉक्टरों की सतर्कता और टीमवर्क से ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा।
इलाज के बाद बच्ची को पूरी रात निगरानी में रखा गया। उसकी हालत सामान्य बनी रही और किसी प्रकार की जटिलता नहीं हुई। रविवार दोपहर पूरी तरह स्वस्थ होने पर बच्ची को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
डॉक्टरों की सलाह
छोटी चीजें बच्चों की पहुंच से दूर रखें
सिम्स के एमडी मेडिसिन एवं एमएस डॉ. लखन सिंह ने बताया कि बच्चों द्वारा सिक्का या अन्य छोटी वस्तुएं निगलने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि छोटे बच्चों को सिक्के, बटन, बैटरी या अन्य छोटी चीजें खेलने के लिए न दें। यदि बच्चा कोई वस्तु निगल ले, तो बिना समय गंवाए तुरंत अस्पताल ले जाएं।
