

बिलासपुर।
गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (सेंट्रल यूनिवर्सिटी) के बीए-एलएलबी द्वितीय वर्ष के छात्र आयुष यादव की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई। आयुष ने 15 जनवरी को खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया था, जिसमें वह करीब 80 से 90 प्रतिशत तक झुलस गया था।
घटना के बाद आयुष को गंभीर हालत में पहले सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से स्थिति बिगड़ने पर उसे अपोलो अस्पताल रेफर किया गया। बाद में परिजन बेहतर इलाज के लिए उसे लखनऊ के प्रीति हॉस्पिटल ले गए, जहां रविवार रात करीब साढ़े 11 बजे उसने दम तोड़ दिया।
मूल रूप से गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) निवासी आयुष यादव, गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में बीए-एलएलबी सेकंड ईयर का छात्र था। वह छुट्टी के दौरान गाजीपुर गया हुआ था और 10 जनवरी को बिलासपुर लौटा था। परिजनों के अनुसार, लौटने के बाद से ही वह काफी मायूस रहने लगा था।
15 जनवरी की सुबह आयुष ने अपने इंस्टाग्राम डीपी पर “दिस पर्सन इज डेड” लिखकर पोस्ट किया। इसके बाद उसने एक वीडियो रिकॉर्ड किया और फिर खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। परिजनों ने बताया कि आग की घटना के बाद उसकी हालत अत्यंत गंभीर हो गई थी और वह बातचीत की स्थिति में भी नहीं था।
सोमवार को परिजनों ने आयुष का अंतिम संस्कार कर दिया। आयुष के पिता प्रमोद यादव, जो बीएसएफ में हेड कांस्टेबल हैं, ने गहरा दुख जताते हुए कहा कि उनका सबसे कीमती धन उनसे छिन गया है और वे इस मामले में किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं चाहते।
आयुष के निधन से विश्वविद्यालय परिसर में शोक की लहर है। सोमवार को विश्वविद्यालय के लॉ विभाग में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों द्वारा शोक सभा का आयोजन कर दिवंगत छात्र को श्रद्धांजलि दी गई। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर आयुष की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना
