फर्जी एग्रीमेंट दिखाकर जेसीबी दिलाने के नाम पर 20 लाख की ठगी, बैंककर्मी सहित दो पर केस दर्ज


बिलासपुर।
बैंक रिकवरी के नाम पर जेसीबी मशीन सस्ते दाम में दिलाने का झांसा देकर 20 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने मध्यप्रदेश के एक युवक को शिकार बनाते हुए न केवल फर्जी दस्तावेज दिखाए, बल्कि मूल मालिक के जाली हस्ताक्षर कर इकरारनामा भी तैयार कर लिया। सिविल लाइन पुलिस ने इस मामले में तालापारा निवासी बाबा खान और भरत गुप्ता के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
मध्यप्रदेश के शहडोल निवासी मोहम्मद शहनवाज खान ने पुलिस को बताया कि कुछ समय पहले तालापारा निवासी बाबा खान ने उसे फोन कर जानकारी दी कि बैंक द्वारा कुर्क की गई एक जेसीबी मशीन कम कीमत में बेची जा रही है। सस्ते दाम में मशीन मिलने के लालच में शहनवाज बिलासपुर आया। यहां उसे सेंदरी इलाके में खड़ी जेसीबी (क्रमांक सीजी 22 वाय 6984) दिखाई गई।
इस दौरान बाबा खान ने उसकी मुलाकात भरत गुप्ता से कराई, जिसने खुद को हिंदुजा फाइनेंस का कर्मचारी बताया। भरत गुप्ता ने दावा किया कि जेसीबी के मूल मालिक ने उसे वाहन बेचने के लिए अधिकृत किया है। दोनों के बीच 24.51 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। भरोसा दिलाने के लिए आरोपियों ने जेसीबी के मूल दस्तावेज भी दिखाए।
शहनवाज खान ने अलग-अलग किस्तों में कुल 20 लाख रुपये भरत गुप्ता द्वारा बताए गए बैंक खाते में आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। आरोपियों ने आश्वासन दिया था कि वे बैंक का लोन चुकाकर तीन महीने के भीतर एनओसी दिला देंगे। लेकिन पैसे मिलते ही दोनों आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया।
शक होने पर शहनवाज ने खुद जेसीबी के वास्तविक मालिक कुमार राज देवांगन से संपर्क किया। देवांगन ने बताया कि उन्होंने जेसीबी भरत गुप्ता को नहीं, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति को बेची थी। जब शहनवाज ने उन्हें इकरारनामा दिखाया, तो देवांगन ने उस पर किए गए हस्ताक्षरों को फर्जी बताया।
पीड़ित की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने बाबा खान और भरत गुप्ता के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों की जांच की जा रही है और आरोपियों की भूमिका की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।

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