
आकाश मिश्रा

बिलासपुर। श्रीकांत वर्मा मार्ग स्थित बेशकीमती जमीन दिलाने के नाम पर कांग्रेस नेता और उनके साथियों द्वारा 64 लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने कांग्रेस नेता समेत तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया है।
पीएम कंस्ट्रक्शन के पार्टनर पंकज भोजवानी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2023 में टाकेश्वर पाटले ने उनकी मुलाकात नागेंद्र राय से कराई थी। नागेंद्र राय ने खुद को राजनीतिक व्यक्ति बताते हुए भरोसा दिलाया और हरजिंदर कौर, पत्नी ज्ञान सिंह गिल, की जमीन का सौदा तीन करोड़ रुपये में तय कराया।
शिकायत के अनुसार पंकज भोजवानी ने सौदे के तहत 50 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से हरजिंदर कौर के खाते में तथा 10 लाख रुपये नागेंद्र राय के कहने पर दीपाली एसोसिएट के खाते में ट्रांसफर किए। रकम लेने के बाद जब पीड़ित ने रजिस्ट्री कराने का दबाव बनाया तो आरोपी सीमांकन का हवाला देकर टालमटोल करते रहे।
इस दौरान पंकज भोजवानी को जानकारी मिली कि उक्त जमीन पर लंबे समय से न्यायालयीन विवाद चल रहा है। आरोप है कि इसी जमीन के एवज में नागेंद्र राय और उनके साथियों ने अविनाश पेशवानी नामक व्यक्ति से भी 50 लाख रुपये लेकर 30 प्रतिशत हिस्सेदारी का अनुबंध कर लिया था।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि पैसे वापस मांगने पर आरोपियों ने सेटलमेंट के नाम पर उससे 4 लाख रुपये और ले लिए, इसके बावजूद न तो जमीन की रजिस्ट्री कराई गई और न ही रकम लौटाई गई। शिकायत के अनुसार जब पंकज भोजवानी नागेंद्र राय के घर पहुंचे तो वहां मौजूद टाकेश्वर पाटले ने उन्हें एट्रोसिटी एक्ट सहित गंभीर धाराओं में फंसाने की धमकी दी।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर ज्ञान सिंह गिल, कांग्रेस नेता नागेंद्र राय और टाकेश्वर पाटले के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार नागेंद्र राय के खिलाफ तोरवा और सिविल लाइन थानों में पूर्व से भी कई प्रकरण दर्ज हैं। इनमें दबंगई, मारपीट, तोड़फोड़, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी जैसे मामले शामिल बताए जा रहे हैं। मस्तूरी गोली कांड में भी नागेंद्र राय के फरार होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
