
शशि मिश्रा

बिलासपुर। बिलासपुर से विश्रामपुर तातापानी जा रहे दो युवकों की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। तेज रफ्तार ईको वाहन अनियंत्रित होकर लगभग 40 फीट गहरी खाई में जा गिरा, जिसके बाद वाहन में भीषण आग लग गई। हादसे में वाहन सवार दोनों युवक जिंदा जल गए। सूचना पर पहुंची पुलिस और दमकल की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
जानकारी के अनुसार तोरवा थाना क्षेत्र के निवासी गोपाल चंद्र डे (42 वर्ष) पिता मानिक चंद्र डे, और देवरीखर्दु तोरवा निवासी अरुण सेन (36 वर्ष) पिता बनारसी लाल सेन मंगलवार रात करीब 11 बजे ईको वाहन क्रमांक सीजी 10 बीएफ 1673 से बिलासपुर से विश्रामपुर स्थित तातापानी महोत्सव के लिए रवाना हुए थे। वे वाहन में टेंट का सामान और रूम हीटर लेकर जा रहे थे। बुधवार तड़के करीब 4.30 बजे मोरगा चौकी क्षेत्र अंतर्गत मदनपुर फॉरेस्ट बैरियर के पास उनकी तेज रफ्तार वाहन अनियंत्रित होकर सीधे गहरी खाई में गिर गई और उसमें आग लग गई।
हादसे की सूचना मिलते ही मोरगा पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। आग इतनी भयावह थी कि दोनों युवक पूरी तरह जल चुके थे। पुलिस ने शवों को खाई से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है और मामले में वैधानिक कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है।
हादसों के लिए बदनाम है यह मार्ग
कटघोरा–अंबिकापुर मुख्य मार्ग पहले से ही गंभीर सड़क हादसों के लिए जाना जाता है। मदनपुर फॉरेस्ट बैरियर के पास जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, उसी जगह वर्ष 2023 में भी एक पुलिसकर्मी और उसके परिवार के साथ बड़ा हादसा हो चुका है, जिसमें चार लोगों की मौत हुई थी। बार-बार हो रहे हादसों के बावजूद इस मार्ग पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
दो मासूम बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
मृतक गोपाल डे की पत्नी प्रीति डे ने बताया कि मंगलवार रात करीब 11 बजे उनकी पति से मोबाइल पर बातचीत हुई थी। इसके बाद वे बुकिंग के जरिए विश्रामपुर के लिए निकले थे। वाहन में दीप लाइट और हीटर समेत करीब 10 पीस सामान था। बुधवार सुबह करीब 6 बजे उन्हें फोन पर पति और कार के जल जाने की सूचना मिली। गोपाल डे की दो बेटियां श्रेया डे और श्वेता डे हैं। पिता की असमय मौत से दोनों मासूमों के सिर से साया उठ गया है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद दोनों मृतकों के घरों में मातम पसरा हुआ है और इलाके में शोक की लहर है।
