

बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयू) के तात्या भील बालक छात्रावास में रविवार शाम एक मामूली बात ने गंभीर रूप ले लिया। मेस में आलूगुंडा देने से मना करने पर बीटेक छात्र और रसोइए के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि रसोइए ने चाकू लेकर छात्र को दौड़ा लिया। घटना के बाद हॉस्टल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
मिली जानकारी के अनुसार तात्या भील छात्रावास की मेस का संचालन ‘सनशाइन’ नामक फर्म द्वारा किया जा रहा है। रविवार शाम करीब 6:30 बजे बीटेक तृतीय वर्ष का छात्र हर्ष अग्रवाल नाश्ते में बने आलूगुंडा लेने किचन पहुंचा था। इसी दौरान उसकी रसोइए से कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते गाली-गलौज और फिर हाथापाई में बदल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विवाद के दौरान सब्जी काट रहा रसोइया प्लेटफॉर्म फांदकर छात्र की ओर झपटा और हाथ में चाकू लिए उसे दौड़ाने लगा। गैलरी में दोनों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसमें अन्य छात्र भी मौके पर पहुंच गए।
सीसीटीवी में कैद हुई घटना
घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी भावेश शेंडे पुलिस टीम के साथ हॉस्टल पहुंचे। पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाला तो शाम 6:32 बजे रसोइया और छात्र के बीच विवाद, प्लेटफॉर्म फांदकर दौड़ाने और बाद में हाथापाई के दृश्य कैमरे में साफ दिखाई दिए।
पुलिस वाहन घेरकर छात्रों ने किया हंगामा
पुलिस जब मेस के दो कर्मचारियों को हिरासत में लेकर वाहन में बैठा रही थी, तभी कर्मचारियों द्वारा कथित रूप से छात्रों को धमकी देने पर छात्र आक्रोशित हो गए और पुलिस गाड़ी को घेर लिया। छात्रों ने पूर्व की घटनाओं का हवाला देते हुए विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस की समझाइश के बाद छात्र शांत हुए और उन्हें थाने में लिखित शिकायत देने के लिए कहा गया।
रसोइए का बयान
पुलिस पूछताछ में रसोइए ने कहा कि वह सब्जी काट रहा था, इसलिए उसके हाथ में चाकू था, उसने छात्र पर हमला नहीं किया। वहीं छात्रों ने रसोइए पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर जांच कर रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद केंद्रीय विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। आक्रोशित छात्रों ने मेस कर्मचारियों के पुलिस वेरिफिकेशन की मांग भी उठाई है।
इस संबंध में सीयू के मीडिया सेल प्रभारी डॉ. मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि हॉस्टल में रसोइए द्वारा छात्र को चाकू लेकर दौड़ाने की सूचना मिली थी। मौके पर कुलसचिव और डीएसडब्ल्यू पहुंचे थे। पुलिस ने कर्मचारियों को हिरासत में लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई पुलिस द्वारा की जाएगी।
