
शशि मिश्रा

बिलासपुर। शहर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में फर्जी वकील बनकर लोगों को गुमराह कर सीमांकन कराने का गंभीर मामला सामने आया है। करबला चौक निवासी व्यवसायी विनोद हरिरमानी ने मनीष शुक्ला और निलेन्द्र सोनी पर फर्जी वकील बनाकर छलपूर्वक कार्यवाही कराने का आरोप लगाते हुए थाना सिटी कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायतकर्ता विनोद हरिरमानी ने बताया कि उनकी पत्नी पूजा हरिरमानी एवं ससुर चिमनदास रावलानी के नाम पर मौजा जूना बिलासपुर में स्थित भूमि पर पंजीकृत बैनामा एवं विधिवत नक्शा अनुमोदन के बाद मकान एवं दुकान का निर्माण कराया गया है, जहां वे “न्यू जयमाता दी टेंट हाउस” का संचालन कर रहे हैं।

विनोद हरिरमानी के अनुसार, दिनांक 28 अक्टूबर 2025 को शाम करीब 4 बजे मनीष शुक्ला नामक व्यक्ति 10–15 लोगों के साथ उनकी दुकान और मकान का माप करने पहुंचा। जब उनसे माप करने का अधिकार और सीमांकन आदेश के संबंध में पूछताछ की गई, तो मनीष शुक्ला ने बताया कि शिव प्रताप साव की ओर से एक वकील और राजस्व निरीक्षक के रूप में कार्यवाही की जा रही है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जिस व्यक्ति को वकील बताया जा रहा था, उसका वीडियो रिकॉर्ड किया गया। बाद में सिविल न्यायालय के अधिवक्ताओं से पूछताछ करने पर खुलासा हुआ कि उक्त व्यक्ति कोई अधिवक्ता नहीं है, बल्कि निलेन्द्र सोनी पिता राजेन्द्र सोनी, जो पूर्व में कई मामलों का आरोपी रह चुका है।
विनोद हरिरमानी ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद से सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत प्राप्त जानकारी में भी यह स्पष्ट हुआ है कि निलेन्द्र सोनी अधिवक्ता नहीं है। इसके बावजूद उसे वकील के रूप में प्रस्तुत कर सीमांकन कराने का प्रयास किया गया।
शिकायतकर्ता ने इसे प्रतिरूपण (फर्जी पहचान) के माध्यम से छल कारित करने का अपराध बताते हुए मनीष शुक्ला और निलेन्द्र सोनी के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के साथ पेन ड्राइव में वीडियो फुटेज भी पुलिस को सौंपे गए हैं।
फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
