
शशि मिश्रा

कोरबा।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की गंभीर लापरवाही एक ग्रामीण की जान ले बैठी। हरदीबाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत सुवाभोंडी के पास स्थित दीपका खदान में की गई हैवी ब्लास्टिंग के दौरान उछले पत्थर की चपेट में आने से 60 वर्षीय ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया है और SECL प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मृतक की पहचान रेकी गांव निवासी लखन लाल पटेल (60 वर्ष) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर करीब 3 बजे वे अपने गांव रेकी लौट रहे थे, तभी दीपका खदान में की जा रही हैवी ब्लास्टिंग के दौरान पत्थर सैकड़ों मीटर दूर तक जा गिरे। इसी दौरान एक बड़ा पत्थर सीधे लखन लाल पटेल पर गिर गया, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

वादे के बावजूद की गई ब्लास्टिंग
ग्रामीणों का आरोप है कि SECL प्रबंधन ने जानबूझकर उनकी चेतावनियों को नजरअंदाज किया। बताया गया कि 5 तारीख को SECL के मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय में अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच बैठक हुई थी, जिसमें यह सहमति बनी थी कि अब हैवी ब्लास्टिंग नहीं की जाएगी। इसके बावजूद मात्र दो दिन बाद ही जोरदार ब्लास्टिंग कर दी गई, जो जानलेवा साबित हुई।
गांवों पर ब्लास्टिंग का असर
सरपंच लोकेश्वर कंवर और पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल ने आरोप लगाया कि लगातार हो रही हैवी ब्लास्टिंग से आसपास के गांवों में जनजीवन प्रभावित हो रहा है। बोर और कुएं सूख चुके हैं, मकानों में दरारें पड़ रही हैं और कई घरों के छज्जे गिरने की कगार पर हैं। इन समस्याओं की शिकायतें पहले भी SECL अधिकारियों से की गई थीं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
मौत के बाद बढ़ा आक्रोश
घटना की सूचना मिलते ही हरदीबाजार और कुसमुंडा थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। एसडीएम पाली भी घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन तब तक ग्रामीणों का आक्रोश फूट चुका था। मृतक के परिजन और ग्रामीण शव को वाहन में रखकर प्रदर्शन की तैयारी में जुट गए।
मुआवजा और नौकरी की मांग
ग्रामीणों की मांग है कि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और परिवार के एक सदस्य को SECL में नौकरी दी जाए। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल और CISF के जवान तैनात किए गए हैं। फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है, लेकिन SECL की लापरवाही को लेकर लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है।
प्रशासन और SECL प्रबंधन की ओर से आगे की कार्रवाई को लेकर चर्चा जारी है।
