

बिलासपुर। शहर में सराफा कारोबारी पर हथौड़े से हमला कर जेवर लूटने के मामले में पुलिस ने छठवें आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी वारदात से पहले शहर के कई सराफा कारोबारियों की रेकी कर चुके थे। अंततः उन्होंने बसंत विहार चौक स्थित महालक्ष्मी ज्वेलर्स के संचालक संतोष तिवारी को निशाना बनाया। घटना को अंजाम देने के बाद फरार होने के लिए आरोपियों ने सीपत का रूट सबसे सुरक्षित समझा था।

पुलिस ने शनिवार सुबह 10 बजे चार आरोपियों को उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से बिलासपुर लाया। पहचान पंचनामा नहीं होने के कारण सभी आरोपियों के चेहरे नकाब से ढके गए थे। फिलहाल उन्हें कड़ी पुलिस निगरानी में रखा गया है। आज कोर्ट में पेश कर पहचान पंचनामा की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद रिमांड मिलने पर आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की संभावना है।

स्थानीय युवक से जुड़े तार
जांच के दौरान पुलिस की तकनीकी टीम को आरोपियों के बिलासपुर निवासी नारद श्रीवास से संपर्क के साक्ष्य मिले हैं। शनिवार सुबह उसे सिविल लाइन थाना क्षेत्र से हिरासत में लिया गया। पुलिस उसके मोबाइल फोन और कॉल डिटेल्स की जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार आरोपियों और नारद के बीच फोन पर बातचीत के प्रमाण मिले हैं। हालांकि बातचीत की समयावधि और विषयवस्तु का खुलासा अभी नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि उसे छुड़ाने के लिए कुछ लोगों ने पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश भी की।
24 घंटे तक नहीं मिला था सुराग
गौरतलब है कि शुक्रवार शाम करीब 7 बजे सीपत क्षेत्र के ग्राम खम्हरिया में सराफा कारोबारी से जेवरों से भरा बैग लूट लिया गया था। घटना के बाद आरोपी फरार हो गए थे। वारदात के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस को उनका सुराग नहीं मिला था। घटना स्थल से बाहर निकलने के कई ऐसे रास्ते हैं, जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। यही कारण रहा कि शुरुआती जांच में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और मामले में अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी
