
शशि मिश्रा

बिलासपुर।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने ई-टिकट की अवैध दलाली करने वालों के खिलाफ ऑपरेशन उपलब्ध के तहत सख्त अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान में वर्ष 2025 के दौरान 277 टिकट दलालों को गिरफ्तार कर उनके पास से 62.10 लाख रुपये मूल्य की ई-टिकट और अन्य उपकरण जब्त किए गए हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 143 के तहत कार्रवाई की गई है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेनों में भीड़ और बर्थ कंफर्म न होने की स्थिति का सबसे अधिक फायदा टिकट दलाल उठाते हैं। ये दलाल यात्रियों से दोगुना किराया वसूलकर टिकट उपलब्ध कराते हैं। अधिकतर दलाल आईआरसीटीसी के लाइसेंसी एजेंट नहीं होते, जिससे रेलवे को हर साल करोड़ों रुपये का राजस्व नुकसान होता है। रेलवे बोर्ड के निर्देश पर आरपीएफ बिना लाइसेंस टिकट दलालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है, इसके बावजूद दलाल अपनी गतिविधियों से बाज नहीं आ रहे हैं।
पिछले वर्ष की तुलना में भी बड़ी कार्रवाई
आरपीएफ ने बताया कि वर्ष 2024 में ऑपरेशन उपलब्ध के तहत 331 टिकट दलालों को गिरफ्तार कर 1 करोड़ 27 लाख रुपये की टिकट जब्त की गई थी। वर्ष 2025 में यह मुहिम नागपुर, बिलासपुर और रायपुर डिवीजन में दोबारा शुरू की गई, जिसमें अब तक 277 दलाल पकड़े जा चुके हैं।
अन्य अभियानों में भी प्रभावी कार्रवाई
आरपीएफ द्वारा यात्रियों की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को लेकर अन्य अभियानों में भी उल्लेखनीय कार्रवाई की गई है—
ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत 303 आरोपियों को गिरफ्तार कर संबंधित एजेंसियों को सौंपा गया।
ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते के माध्यम से घर से बिछड़े बच्चों को सुरक्षित बचाकर उनके परिजनों को सौंपा गया।
मानव तस्करी रोकथाम अभियान ‘ऑपरेशन आहट’ के तहत 7 तस्करों को गिरफ्तार कर 12 लोगों को मुक्त कराया गया।
ऑपरेशन नारकोस के अंतर्गत 63 मामलों में 78 आरोपियों को गिरफ्तार कर 1.70 करोड़ रुपये कीमत का 713.522 किलो गांजा जब्त किया गया।
आरपीएफ ने आम यात्रियों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत माध्यमों से ही टिकट बुक कराएं और अवैध दलाली की जानकारी मिलने पर तुरंत रेलवे या आरपीएफ को सूचित
