
शशि मिश्रा

बिलासपुर–कोरबा नेशनल हाईवे एक बार फिर जानलेवा हादसे का गवाह बना। रविवार रात तेज रफ्तार ट्रेलर की चपेट में आकर 55 वर्षीय मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया, जिससे आक्रोश फैल गया और हाईवे पर लंबा जाम लग गया।
मृतक की पहचान मिलनदास, निवासी ग्राम करतला के रूप में हुई है। वह रोजी-रोटी के सिलसिले में काम कर रात में घर लौट रहा था। रत्नपुर–पाली के बीच हाईवे पार करते समय तेज रफ्तार ट्रेलर ने उसे कुचल दिया। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि मिलनदास ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस हिस्से में न तो पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था है, न सुरक्षित पैदल क्रॉसिंग, और न ही भारी वाहनों की रफ्तार पर कोई प्रभावी नियंत्रण। लोगों का आरोप है कि भारी वाहनों की बेलगाम गति और बुनियादी सुरक्षा उपायों की कमी लगातार हादसों को न्योता दे रही है।
मुआवजे की मांग पर जाम
हादसे के बाद परिजन और ग्रामीण मुआवजे की मांग को लेकर हाईवे पर बैठ गए, जिससे करीब 6 किलोमीटर तक यातायात ठप हो गया। सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पहले समझाइश और फिर मुआवजा दिए जाने के आश्वासन के बाद जाम खुल सका।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने अज्ञात ट्रेलर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल केस दर्ज करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। जब तक हाईवे पर स्थायी सुरक्षा उपाय—जैसे स्ट्रीट लाइट, स्पीड कंट्रोल, पैदल क्रॉसिंग और निगरानी—नहीं किए जाते, तब तक ऐसे हादसे थमने वाले नहीं हैं।
घटना ने एक बार फिर हाईवे पर पैदल यात्रियों और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
