

बिलासपुर। थाना सरकंडा पुलिस ने महिला संबंधी अपराध के एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए फेसबुक के माध्यम से स्वयं को तहसीलदार बताकर दोस्ती करने, फिर फर्जी आईडी बनाकर पीड़िता का फोटो व मोबाइल नंबर वायरल करने वाले आरोपी को महज कुछ घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल भी जप्त किया गया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 26 दिसंबर 2025 को पीड़िता ने थाना सरकंडा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वर्ष 2022 में उसकी फेसबुक के माध्यम से आशुतोष उपाध्याय निवासी मुलमुला, जिला जांजगीर-चांपा से जान-पहचान हुई थी। आरोपी स्वयं को मुंगेली का तहसीलदार बताता था और मोबाइल के जरिए लगातार बातचीत करता था। बाद में पीड़िता द्वारा बातचीत बंद करने पर आरोपी विभिन्न मोबाइल नंबरों से कॉल कर अश्लील बातचीत करने लगा। परेशान होकर पीड़िता द्वारा नंबर ब्लॉक करने पर आरोपी ने दिनांक 3 अक्टूबर 2025 को जयंती भट्टाचार्य के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर पीड़िता का फोटो एवं मोबाइल नंबर वायरल कर दिया।
इसके बाद पीड़िता को अलग-अलग अज्ञात नंबरों से कॉल कर अश्लील बातें की जाने लगीं। आरोपी द्वारा बदनाम करने की नीयत से फोटो एवं नंबर वायरल किए जाने की रिपोर्ट पर थाना सरकंडा में अपराध क्रमांक 1786/2025 धारा 74, 79, 351(2), 204 बीएनएस एवं आईटी एक्ट की धारा 67, 67(ए), 66(सी) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए घटना की जानकारी तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह (भा.पु.से.) को दी गई। उनके निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री पंकज पटेल एवं नगर पुलिस अधीक्षक सरकंडा श्री सिद्धार्थ बघेल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सरकंडा निरीक्षक प्रदीप आर्य के नेतृत्व में टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी आशुतोष उपाध्याय (35 वर्ष) पिता नरेन्द्र उपाध्याय निवासी ग्राम मुलमुला थाना मुलमुला जिला जांजगीर-चांपा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपराध स्वीकार किया।
पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करते हुए न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। सरकंडा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिला संबंधी अपराधों पर किसी भी स्थिति में कठोर और त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी।
