

रायपुर/बिलासपुर। रूस के सेंट पीटर्सबर्ग से एक चौंकाने वाली और चिंताजनक खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव निवासी डी. कोंडया की बेटी डी. पारुल, जो वहां मेडिकल की पढ़ाई कर रही थी, पिछले पांच दिनों से लापता बताई जा रही है। पारुल से परिवार का कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिससे उनके परिजन गहरे सदमे और चिंता में हैं।

पारुल रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर अब एमडी (डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन) की डिग्री हासिल करने के लिए अध्ययनरत थीं। वह एक प्रतिभाशाली छात्रा हैं और उनका परिवार छत्तीसगढ़ में लंबे समय से शिक्षा और खेल के क्षेत्र में सक्रिय रहा है। उनके पिता डी. कोंडया छत्तीसगढ़ वुशु संघ के जनरल सेक्रेटरी और मार्शल आर्ट के अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षक हैं।
डी. कोंडया ने बताया कि बीते पांच दिनों से पारुल के दोनों मोबाइल नंबर बंद हैं और किसी भी माध्यम से उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो पा रहा है। बेटी से अचानक संपर्क टूट जाने के बाद परिवार में बेचैनी और चिंता का माहौल है। उन्होंने कहा कि “हम हरसंभव कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बेटी से कोई खबर नहीं मिल रही। न रूस में कोई परिचित है और न ही वहां से कोई सूचना प्राप्त हो रही है।”

चिंतित पिता ने भारत सरकार और भारतीय दूतावास (Indian Embassy, Moscow) से बेटी की तलाश में तत्काल सहयोग की गुहार लगाई है। इसी क्रम में डी. कोंडया ने बिलासपुर में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू से मुलाकात कर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की। इस दौरान समाजसेविका बिंदु सिंह कछवाहा भी उनके साथ रहीं और उन्होंने भी केंद्रीय मंत्री से इस संवेदनशील मामले में मदद का अनुरोध किया।
डी. कोंडया ने बिलासपुर कलेक्टर, आईजी और एएसपी के समक्ष भी आवेदन देकर सहायता मांगी है। उन्होंने कहा कि बेटी की सुरक्षा और ठिकाने की जानकारी मिलना परिवार के लिए अत्यंत आवश्यक है। उनका कहना है, “पांच दिन से बेटी से कोई संपर्क नहीं है, यह सोचकर दिल बैठ जाता है कि कहीं कोई अनहोनी न हो गई हो।”
परिवार ने भारत सरकार से अपील की है कि विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास रूस के अधिकारियों से तत्काल संपर्क कर छात्रा के ठिकाने की जानकारी जुटाएं। पारुल जैसी होनहार छात्रा का सेंट पीटर्सबर्ग जैसे बड़े शहर में अचानक से लापता हो जाना न केवल परिवार बल्कि पूरे प्रदेश के लिए चिंता का विषय बन गया है।

जनमानस का भी यही कहना है कि भारत सरकार को इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाते हुए राजनयिक स्तर पर खोजबीन तेज करनी चाहिए, ताकि पारुल को सुरक्षित खोजा जा सके और परिवार की चिंता समाप्त हो।
छत्तीसगढ़ की बेटी डी. पारुल का इस तरह रूस में अचानक गायब हो जाना न केवल विचलित करने वाला है, बल्कि यह एक संवेदनशील मानवीय मुद्दा भी है।
परिवार और समाज की यही अपील है — भारत सरकार शीघ्र हस्तक्षेप कर पारुल की सुरक्षा सुनिश्चित करे और उसके परिजनों को जल्द से जल्द कोई ठोस जानकारी उपलब्ध कराए।रूस से आई राहत की खबर
पारुल के अचानक लापता हो जाने से परेशान पिता ने शासन प्रशासन से गुहार लगाई थी और शाम होते-होते उन्हें अच्छी खबर भी मिल गई। दरअसल तकनीकी कारण से पारुल के दोनों नंबर ब्लॉक हो गए थे, जिस कारण से उससे संपर्क नहीं हो पा रहा था, लेकिन सोमवार शाम को उसकी बातचीत न केवल अपने परिजनों से हुई बल्कि बिंदु सिंह कछवाह ने भी उससे बातचीत की। जिसने बताया कि वह पूरी तरह सुरक्षित है और उसके नंबर ब्लॉक हो जाने की वजह से ही वह अपने परिवार से संपर्क नहीं कर पा रही थी। डी पारुल के सुरक्षित होने की खबर से सबने राहत की सांस ली है।
