
शांता फाउंडेशन के पहल जिसमें सुख एवं दुख के कार्यों में हमेशा बुजुर्गों एवं समाज के जरूरतमंद लोगों की सहायता करना होता है,इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए स्वर्गीय उस्मान भाई ऐबानी की पुण्यतिथि के सौजन्य पर उन्हें याद करते हुए कई कार्यक्रमों का आयोजन किया। प्रमुख रूप से न्यायधानी स्थित कल्यानकुंज वृद्धाश्रम में बुजुर्गों को भोजन कराया गया। यहां पर वृद्धाश्रम के संचालक और उनकी टीम के साथ शांता फाउंडेशन परिवार के सदस्यों ने अपने हाथों से बुजुर्गों को भोजन और मिष्ठान्न परोसा।भोजन से पूर्व बुजुर्गों की सेवा में अग्रणी शांता फाउंडेशन के संस्थापक समाज सेवी नीरज गेमनानी ने बुजुर्गों के साथ एक प्रार्थना प्रस्तुत की। इसके बाद भोजन शुरू कराया गया। खुश होकर बुजुर्गों ने आशीर्वाद दिया
शांता फाउंडेशन के संस्थापक समाज सेवी नीरज गेमनानी ने कहा कि जिन बुजुर्गों ने खुद कष्ट सह कर हमें आराम दिया, चलना सिखाया, पढ़ाया लिखाया, हमें समाज में रहने के काबिल बनाया तो हमारा भी फर्ज बनता है कि हम उनके सुख-दुख पर ध्यान दें। उनके चरणों में ही हमारा स्वर्ग है। हमें जीवन में ईमानदारी सच्चाई के मार्ग पर चलते हुए समाज सेवा करनी चाहिए।इस दौरान नेहा तिवारी,रुपाली पाण्डेय, ज्योति कौशिक,कैलाश मोटवानी,दानेश राजपूत उपस्थित रहे
