
बिलासपुर। सकरी थाना क्षेत्र में मोबाइल गुम होने के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। छह युवकों ने ढाबा संचालक और कर्मचारियों के साथ मारपीट करने के बाद कथित तौर पर ढाबे में पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने और संचालक को जिंदा जलाने का प्रयास किया। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से बटनदार चाकू समेत अन्य सामान जब्त कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, भूण्डा निवासी इस्माइल खान उर्फ सोनू (31) ने शिकायत दर्ज कराई कि 13 जुलाई की रात संकेत कुमार जायसवाल अपने दो साथियों के साथ उसके ढाबे पर खाना खाने आया था। अगले दिन संकेत कुमार जायसवाल अपने साथी आर्यन दुबे और संदीप यादव के साथ दोबारा पहुंचा और मोबाइल ढाबे में छूट जाने की बात कहते हुए सीसीटीवी फुटेज दिखाने की मांग की। करीब 45 मिनट तक फुटेज देखने के बाद मोबाइल दिखाई नहीं देने पर आरोपियों ने ढाबे के मिस्त्री विनोद कुमार टोंडे के साथ मारपीट शुरू कर दी, जिसके बाद कर्मचारियों ने बीच-बचाव कराया।
पुलिस के मुताबिक, इसी विवाद की रंजिश में 15 जुलाई की सुबह करीब 10:20 बजे संकेत कुमार जायसवाल, आर्यन दुबे और उनके चार अन्य साथी फिर ढाबे पर पहुंचे। सभी ने मिलकर ढाबा संचालक और कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। आरोप है कि उन्होंने पेट्रोल छिड़ककर लाइटर से आग लगाने का प्रयास किया तथा बटनदार चाकू और अन्य घातक हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी दी।
घटना की सूचना मिलते ही सकरी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर तत्काल कार्रवाई की। पुलिस ने सभी छह आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बटनदार चाकू, अन्य सामग्री तथा सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपियों में संकेत कुमार जायसवाल उर्फ छोटू, राजवीर बाबरा, लारेन फ्रांसिस, राहुल गहरवरिया, आर्यन दुबे उर्फ तुषार और राहुल श्रीवास्तव शामिल हैं। सभी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की विवेचना शुरू कर दी है।
