

बिलासपुर। जिले में चलाए जा रहे ‘चेतना विरुद्ध नशा’ एवं ‘प्रहार अभियान’ के तहत कोटा पुलिस ने सोमवार को साइबर अपराधों से बचाव और यातायात नियमों के पालन को लेकर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान स्कूली विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम नागरिकों को साइबर ठगी से बचने के उपाय तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी दी गई।
यह कार्यक्रम पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (आईपीएस) के निर्देशन में आयोजित किया गया। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार जिलेभर में जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत लोगों को साइबर अपराधों, नशे के दुष्परिणामों और यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
इसी क्रम में 13 जुलाई 2026 को ग्राम नवागांव स्थित हाईस्कूल में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी साझा करने के खतरे, डिजिटल भुगतान के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों तथा सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। विद्यार्थियों से किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या ऑनलाइन ऑफर के झांसे में नहीं आने और किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की गई।
वहीं, कोटा के नाका चौक में आम नागरिकों और वाहन चालकों के लिए यातायात जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। इस दौरान हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन, शराब पीकर वाहन नहीं चलाने, मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन नहीं चलाने तथा सड़क सुरक्षा के अन्य महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में सहायक उप निरीक्षक शिव कुमार साहू, प्रधान आरक्षक मोहित कुमार सोनकर तथा कोटा थाना पुलिस के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने लोगों को यातायात नियमों का पालन करने और साइबर अपराधों से सतर्क रहने का संदेश दिया।
कोटा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक रहें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करें, ताकि सुरक्षित और जिम्मेदार समाज का निर्माण किया जा सके।
