
शशि मिश्रा

बिलासपुर। सिरगिट्टी स्थित सेंट जेवियर स्कूल में नाबालिग छात्रा के शोषण के मामले को लेकर छत्तीसगढ़ प्रांत सेन (नाई) समाज में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। समाज के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मामले में दोषी शिक्षक के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई तथा स्कूल प्रबंधन की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
समाज की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि स्कूल में पदस्थ एक शिक्षक द्वारा अपनी ही छात्रा का पिछले लगभग एक वर्ष से कथित रूप से शारीरिक शोषण किया जाता रहा। इस गंभीर मामले ने समाज के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते मामले की जानकारी सामने नहीं आती तो पीड़िता को और अधिक मानसिक एवं सामाजिक पीड़ा का सामना करना पड़ सकता था।

छत्तीसगढ़ प्रांत सेन समाज के प्रांताध्यक्ष त्रिलोकचंद्र श्रीवास के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में दोषी शिक्षक के खिलाफ कठोरतम दंड दिए जाने की मांग की गई है। साथ ही स्कूल के प्राचार्य, अन्य संभावित संलिप्त शिक्षकों एवं प्रबंधन की भूमिका की भी गहन जांच कर जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। नाबालिग छात्रा को नोट्स देने का बहाना कर शिक्षक उसे ओयो होटल ले गया जहां उसने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया और उसे धमकाया भी। इधर छात्रा लगातार इसकी शिकायत करती रही लेकिन स्कूल प्रबंधन ने कोई कार्यवाही नहीं की। जब छात्रा स्कूल छोड़ने लगी और थाने पहुंची तो मामला उजागर हुआ।
समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि यह केवल एक छात्रा का मामला नहीं बल्कि पूरे समाज की बेटियों की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। ऐसे मामलों में दोषियों को कड़ी सजा मिलने से ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकेगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए गए तो समाज व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
समाज की ओर से कहा गया कि बेटियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी शैक्षणिक संस्थान में इस प्रकार की घटनाएं अत्यंत चिंताजनक हैं। संगठन ने पीड़ित छात्रा और उसके परिवार को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिलाया।
