

बिलासपुर। सोशल मीडिया पर ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई को गलत तरीके से पेश कर वायरल करने का मामला सामने आया है। भ्रामक वीडियो के जरिए पुलिस की छवि धूमिल करने की कोशिश करने पर बिलासपुर पुलिस ने रायपुर के एक यू-ट्यूब इंफ्लूएंसर को नोटिस जारी किया है।
एसएसपी के निर्देश पर एएसपी ट्रैफिक ने मामले की जांच कराई। जांच में सामने आया कि वायरल वीडियो पूरी तरह भ्रामक और मनगढ़ंत था।

पुलिस के अनुसार घटना 12 मई की है। उस दिन एएसआई वीरेन्द्र सिंह नेताम की टीम उसलापुर-मंगला बीट में पेट्रोलिंग कर रही थी। सकरी ओवरब्रिज के पास बिना हेलमेट बाइक चला रहे दो युवकों को रोककर 500 रुपए का चालान किया गया था। इसी दौरान एक युवक ने मोबाइल से वीडियो बनाकर रायपुर के यू-ट्यूब चैनल “धाकड़ न्यूज” को भेज दिया।
आरोप है कि वीडियो को एडिट कर यह दावा किया गया कि ट्रैफिक पुलिस ने गर्भवती महिला को रोककर वसूली की। जबकि जांच में स्पष्ट हुआ कि बाइक पर केवल दो युवक सवार थे और उनके साथ कोई गर्भवती महिला नहीं थी। युवकों ने पुलिस को बताया कि उनसे गलती यह हुई कि उन्होंने वीडियो बनाकर चैनल को भेज दिया, जिसके बाद उसे गलत तथ्यों के साथ वायरल कर दिया गया।
वायरल रील को खबर लिखे जाने तक 1.5 लाख से अधिक व्यूज मिल चुके थे। वहीं 8 हजार से ज्यादा लोगों ने वीडियो को लाइक किया और बड़ी संख्या में शेयर भी किया गया। वीडियो देखने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने बिना तथ्य जाने पुलिस प्रशासन पर टिप्पणी की।
मामले को गंभीरता से लेते हुए बिलासपुर पुलिस ने नाराजगी जताई है और भ्रामक जानकारी फैलाकर पुलिस की छवि खराब करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
