

बिलासपुर। तारबाहर वार्ड क्रमांक-29 में होने जा रहे उपचुनाव के लिए नामांकन के अंतिम दिन कांग्रेस, भाजपा, आम आदमी पार्टी और निर्दलीय प्रत्याशियों ने पर्चा दाखिल किया। कांग्रेस की ओर से मोहम्मद आजम, भाजपा से वी. मधुसूदन राव, निर्दलीय प्रत्याशी एसडी कार्टर और आम आदमी पार्टी से साहिल खान मैदान में उतरे हैं। मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 21 मई तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। वार्ड में मतदान 1 जून को होगा।
कांग्रेस ने एक बार फिर गफ्फार परिवार पर भरोसा जताते हुए असलम के बेटे मोहम्मद आजम को प्रत्याशी बनाया है। वहीं भाजपा ने तीसरी बार वी. मधुसूदन राव पर दांव खेला है। पिछली बार निर्दलीय चुनाव लड़कर मुकाबले को रोचक बनाने वाले एसडी कार्टर ने भी फिर से ताल ठोंकी है। आम आदमी पार्टी ने मुस्लिम वोटों पर फोकस करते हुए साहिल खान को मैदान में उतारा है।
उपचुनाव के बीच वार्ड की मूलभूत समस्याएं प्रमुख मुद्दा बन गई हैं। करीब 41 वर्षों से कांग्रेस का कब्जा रहने वाले इस वार्ड में गंदे पानी, सफाई व्यवस्था और डीपूपारा तालाब की बदहाली को लेकर लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि टेल एंड इलाकों में पानी का प्रेशर बेहद कम रहता है और कई घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाता। कई रहवासियों ने नलों से बदबूदार पानी आने और उसमें कीड़े मिलने की शिकायत भी की है।

आदिवासी मोहल्लों और स्लम बस्तियों में सफाई व्यवस्था भी बदहाल बताई जा रही है। खाली प्लॉटों में कचरा फेंके जाने से गंदगी फैली हुई है, जबकि नालियां जाम होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि कई दिनों तक कचरे का उठाव नहीं होता, जिससे बदबू और संक्रमण का खतरा बना रहता है।
वार्ड का सबसे बड़ा मुद्दा डीपूपारा तालाब की बदहाल स्थिति बन गया है। करीब दो करोड़ रुपए खर्च कर संवारे गए तालाब और एक करोड़ रुपए की लागत से बने पुल व वॉकवे अब जर्जर हो चुके हैं। तालाब के आसपास गंदगी फैली हुई है और रखरखाव के अभाव में पूरा क्षेत्र बदहाल नजर आ रहा है।
भाजपा ने इन मुद्दों को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा शहर अध्यक्ष दीपक सिंह ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान तालाब और वार्ड की व्यवस्था की अनदेखी की गई, जबकि लंबे समय से यहां कांग्रेस के पार्षद और मेयर रहे हैं। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के समय नेता वादे तो करते हैं, लेकिन पानी और सफाई की समस्या जस की तस बनी रहती है।
