सिंघरी की महिलाओं ने कलेक्टर से लगाई गुहार, बोलीं- 5 हजार लेने के बाद भी महिला पटवारी ने नहीं किया डिजिटल साइन


बिलासपुर जिले के रतनपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिंघरी की महिलाओं ने महिला पटवारी पर रिश्वत लेने के बावजूद काम नहीं करने का आरोप लगाया है। ग्रामीण महिलाओं ने बुधवार को कलेक्टोरेट पहुंचकर कलेक्टर से शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीण महिलाओं मंजू श्यामले, सरिता, अनीता और सुनीता सहित अन्य ने बताया कि उनकी पैतृक जमीन खसरा नंबर 1557/2 और 1557/12 का सीमांकन और रिकॉर्ड सुधार की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जमीन उनके नाम पर दर्ज भी हो गई है, लेकिन भुइयां पोर्टल पर डिजिटल साइन नहीं होने के कारण बी-1 और नक्शा ऑनलाइन नहीं निकल पा रहा है।
महिलाओं का आरोप है कि संबंधित पटवारी रश्मि साहू ने डिजिटल साइन करने के लिए पहले 5 हजार रुपए लिए, लेकिन इसके बाद भी रिकॉर्ड अपडेट नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि अब फिर से अतिरिक्त रकम की मांग की जा रही है। शिकायत के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने महिलाओं को बिलासपुर एसडीएम से मिलने के निर्देश दिए।
डिजिटल साइन प्रक्रिया बनी परेशानी का कारण
राजस्व विभाग में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से वर्ष 2018-19 से भुइयां पोर्टल पर डिजिटल साइन व्यवस्था लागू की गई थी। सीमांकन और रिकॉर्ड सुधार के बाद संबंधित पटवारी द्वारा ऑनलाइन डिजिटल साइन किए बिना रिकॉर्ड अपडेट नहीं माना जाता। इसी प्रक्रिया को लेकर लगातार भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोप सामने आते रहे हैं।
ग्रामीणों और किसानों की शिकायत रहती है कि कई बार पटवारी सर्वर डाउन, आईडी ब्लॉक या तकनीकी दिक्कतों का हवाला देकर काम टालते हैं। यह आरोप भी लगते रहे हैं कि कुछ मामलों में निजी ऑपरेटरों के माध्यम से ऑनलाइन एंट्री और डिजिटल साइन के नाम पर पैसों की मांग की जाती है।
पटवारी ने आरोपों को बताया निराधार
आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए पटवारी रश्मि साहू ने कहा कि उन्होंने किसी से पैसे नहीं मांगे हैं। उनके मुताबिक सीमांकन की प्रक्रिया हाल ही में पूरी हुई है और डिजिटल साइन की कार्रवाई जल्द कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि वह आबादी नक्शे के कार्य से रायपुर आई हुई हैं और लौटने के बाद संबंधित काम पूरा कर दिया जाएगा।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
राजस्व विभाग में डिजिटल रिकॉर्ड और ऑनलाइन प्रविष्टियों को लेकर भ्रष्टाचार के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं।
रतनपुर के पचरा गांव में डिजिटल सुधार के नाम पर 60 हजार रुपए मांगने के आरोप में पटवारी अनिकेत साव को निलंबित किया गया था।
कोटा तहसील के मटसगरा में पटवारी रामनरेश बागड़ी पर एक ही जमीन की दो सीमांकन रिपोर्ट तैयार करने और डिजिटल प्रविष्टि में गड़बड़ी के आरोप लगे थे।
गनियारी में ऑनलाइन पर्ची बनाने के नाम पर 20 हजार रुपए रिश्वत मांगने के मामले में पटवारी रामवतार दुबे के खिलाफ एसीबी ने कार्रवाई की थी।
मुंगेली जिले के केसलीकला में पटवारी उत्तम कुरें को डिजिटल दस्तावेज उपलब्ध कराने के नाम पर 25 हजार रुपए लेते हुए एसीबी ने गिरफ्तार किया था।

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