

बिलासपुर।
नववर्ष उदयापन कमेटी, एस.ई.सी.एल., बिलासपुर द्वारा विश्वकवि गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर की 165वीं जयंती के उपलक्ष्य में एक भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन रवींद्र भवन सभागार, बसंत विहार कॉलोनी, एस.ई.सी.एल., बिलासपुर में अत्यंत उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्य, संगीत एवं संस्कृति प्रेमियों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर के मूर्ति पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। आयोजन में कोलकाता की ख्यातिनाम सांस्कृतिक संस्था “संकल्प नृत्यायन” द्वारा श्री सुविकाश मुखर्जी के निर्देशन में प्रस्तुत कविगुरु के नृत्य-नाट्य “चंडालिका” ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों की सशक्त अभिनय शैली, भावपूर्ण प्रस्तुति एवं आकर्षक नृत्य संयोजन को उपस्थित दर्शकों ने भरपूर सराहा।

कार्यक्रम के अंतर्गत “कथा बितान” शीर्षक से श्रुति नाट्य का मंचन भी किया गया, जिसका प्रभावशाली संचालन कथाशिल्पी रत्ना विश्वास एवं अर्णव विश्वास ने किया। उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ते हुए रवींद्र साहित्य की गहराई एवं संवेदनशीलता का सुंदर परिचय कराया।
सांस्कृतिक संध्या में रवींद्र संगीत की मधुर प्रस्तुति पौशाली नाग एवं पल्लवी चौधरी द्वारा दी गई। उनके सुरीले गायन ने पूरे सभागार को संगीत एवं भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।

आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में साहित्य, कला एवं भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु समिति के सभी सदस्यों, कलाकारों एवं उपस्थित दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
समिति के प्रमुख सदस्यों में मुख्य उपदेष्टा भक्तिमय चौधुरी, अध्यक्ष शुभांशु शेखर घोष, सचिव कुमार राय चौधुरी, कोषाध्यक्ष मलय देवनाथ, सांस्कृतिक संपादक कुंतल सिन्हा, कार्यकारी सभापति देवाशीष मजूमदार, सह-सभापति सोमनाथ मोदक एवं सहकारी सचिव सुस्मिता माझी की सक्रिय भूमिका रही।
अंत में सभी अतिथियों एवं दर्शकों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।
