

Chhattisgarh सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत देते हुए प्रदेश की सभी 11,644 ग्राम पंचायतों में ऑनलाइन मैरिज रजिस्ट्रेशन सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद नवविवाहित दंपत्तियों को विवाह प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तहसील या ब्लॉक कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अब पंचायत स्तर पर ही डिजिटल मैरिज सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा।
नई प्रणाली के तहत पंचायत सचिव आवेदन की जांच कर डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से विवाह प्रमाण पत्र जारी करेंगे। प्रदेश की सभी पंचायतों के साथ-साथ जिले की 483 ग्राम पंचायतों में भी यह सुविधा लागू होगी। अब तक पंचायतों में मैनुअल प्रमाण पत्र जारी किए जाते थे, जिससे रिकॉर्ड की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठते रहे हैं। ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से पूरी प्रक्रिया डिजिटल और सुरक्षित हो जाएगी।
विवाह पंजीयन के लिए आवेदन लोक सेवा केंद्र या सीएससी के माध्यम से किया जा सकेगा। इसके लिए 30 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है। आवेदन की जांच के बाद 15 दिनों के भीतर प्रमाण पत्र जारी करना अनिवार्य होगा। वहीं विवाह के एक वर्ष बाद आवेदन करने पर 500 रुपए अतिरिक्त शुल्क देना होगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य नहीं रहेगा, बल्कि किसी भी मान्य दस्तावेज के आधार पर आवेदन स्वीकार किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि ऑनलाइन सत्यापन प्रक्रिया से बाल विवाह रोकने में भी मदद मिलेगी। आधार और अन्य दस्तावेजों की जांच होने से उम्र में हेरफेर करना आसान नहीं होगा। विवाह प्रमाण पत्र पति-पत्नी के रिश्ते का कानूनी दस्तावेज होगा, जिससे उत्तराधिकार, संपत्ति अधिकार, महतारी वंदन योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, संयुक्त बैंक खाता और पासपोर्ट में नाम जुड़वाने जैसी प्रक्रियाएं आसान हो जाएंगी।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की संचालक प्रियंका ऋषि महोबिया ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों को ऑनलाइन मैरिज सर्टिफिकेट व्यवस्था लागू करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री द्वारा पोर्टल की शुरुआत भी की जा चुकी है। जिन जिलों में तकनीकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, वहां जल्द आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
