
रायपुर। राज्य सरकार ने महिलाओं और सैनिक परिवारों को बड़ी राहत देते हुए संपत्ति पंजीयन नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव लागू कर दिए हैं। महिलाओं के नाम संपत्ति रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट संबंधी अधिसूचना बुधवार को जारी कर दी गई। गुरुवार से सॉफ्टवेयर अपडेट होने के बाद नई दरें लागू हो जाएंगी। इसके साथ ही सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को भी पहली बार संपत्ति खरीदने पर स्टांप शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
नई व्यवस्था के तहत अब महिलाओं के नाम रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क 4 प्रतिशत की जगह केवल 2 प्रतिशत लगेगा। सरकार द्वारा पहले ही रजिस्ट्री पर लगने वाला 0.60 प्रतिशत उपकर समाप्त किया जा चुका है। इन दोनों राहतों का सीधा लाभ संपत्ति खरीदारों को मिलेगा।
एक करोड़ की प्रॉपर्टी पर 3.12 लाख की बचत
नई दरें लागू होने के बाद महिलाओं के नाम एक करोड़ रुपए की संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर करीब 3.12 लाख रुपए की बचत होगी। पहले महिलाओं को रजिस्ट्री में लगभग 1.12 लाख रुपए की राहत मिलती थी, जो अब बढ़कर 3.12 लाख रुपए तक पहुंच जाएगी।
एक करोड़ की संपत्ति पर रजिस्ट्री खर्च
श्रेणी
पहले खर्च
अब खर्च
पुरुष
10.60 लाख रुपए
10.60 लाख रुपए
महिला
9.48 लाख रुपए
7.48 लाख रुपए
पंजीयन विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस निर्णय से राज्य सरकार को प्रतिवर्ष लगभग 153 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान होगा, लेकिन इससे महिलाओं को संपत्ति खरीदने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और उनके नाम पर संपत्ति पंजीयन बढ़ेगा।
सैनिकों को भी मिलेगी राहत
राज्य सरकार ने सैनिकों और उनके परिवारों को राहत देने के उद्देश्य से एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के तहत सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और सैनिकों की विधवाओं को राज्य में कहीं भी 25 लाख रुपए तक की संपत्ति खरीदने पर स्टांप शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
यह लाभ जीवन में केवल एक बार मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे सैनिक परिवारों को स्थायी आवास बनाने में मदद मिलेगी। इस संबंध में भी बुधवार को अधिसूचना जारी कर दी गई है और इसका लाभ भी 7 मई से मिलना शुरू हो जाएगा।
