रेलवे में नवनिर्माण के नाम पर 400 से अधिक हरे-भरे पेड़ों को बलि देने की तैयारी

शशि मिश्रा

व्यापार विहार से लेकर स्टेशन के बीच सड़क के दोनों ओर लगे हरे-भरे पेड़ों के साथ ही जोनल स्टेशन के सामने बनाई गई अस्थायी पार्किंग के पेड़ों की भी बलि दी जाएगी। इसके साथ ही करीब 400 से अधिक पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलेगी, जिसके बाद वर्तमान में कोई नया पौधरोपण करने पर विचार नहीं किया गया है।

जोन और छत्तीसगढ़ प्रदेश के अंतर्गत बिलासपुर के साथ रायपुर और दुर्ग रेलवे स्टेशन को एयरपोर्ट की तरह बनाने का काम शुरु कर दिया गया है। बिलासपुर जोनल रेलवे स्टेशन में 392 करोड़ रुपए की लागत से रिडेवलपमेंट का कार्य इसलिए किया जा रहा है। रिडेवलपमेंट के कार्य में गेट नम्बर चार और तीन में तोड़फोड़ सहित सामने गड्डा करने का काम किया गया है। चारों ओर शेड लगने के कारण प्रतिदिन यात्री परेशान हो रहे हैं। 32 माह में रि डेवलपमेंट के किए जाने वाले कार्यों में यात्रियों के सुगम स्टेशन प्रवेश व निकासी हेतु भव्य प्रवेश द्वार, 12 मीटर चौड़ा फुट ओवरब्रिज को एयर कांकोर्स, यात्रियों के अलावा बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के आराम के लिए लिफ्ट,

ट्रेन और कोच की स्थिति की जानकारी के लिए कोच गाइडेंस डिस्प्ले सिस्टम, मॉल्स की तरह स्टेशन पर दिशा निर्देशों और जानकारी के लिए आधुनिक

साइनेज बोर्ड्स, दिव्यांग यात्रियों के लिए रैंप, मार्क पार्किंग और लो हाइट टिकिट बुकिंग काउंटर, प्लेटफार्म पर दिव्यांग यात्रियों के लिए टॉयलेट, लो हाइट

ड्रिकिंग वाटर बूथ, व्हीलचेयर की व्यवस्था, प्लेटफार्म पर कोच गाइडेंस सिस्टम, साइनेज और स्टेंडर्ड टैक्सटाइल गाइड जैसे साधन व अन्य कार्य किया जाना है। इसी कार्य में एक काम सड़क चौड़ीकरण का भी है, जिसके लिए 300 से अधिक पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाने से पहले वन विभाग को 44 लाख रुपए की राशि जमा कर दी गई है। इसके उपरांत अब रेलवे के अफसरों ने अस्थायी बनाई गई पार्किंग में लगे करीब 100 से अधिक हरे-भरे पेड़ों पर भी मार्किंग कर दी है, जिसमें कभी भी कुल्हाड़ी चल सकती है।

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