
बिलासपुर, छत्तीसगढ़ | दिनांक 20 अप्रैल 2026
जिले में बढ़ती लूट की घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना कोनी पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लूट के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से नकद ₹1600 सहित विभिन्न दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जबकि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में जिले के सभी थाना प्रभारियों को लूटपाट की घटनाओं पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में थाना कोनी क्षेत्र में 14 एवं 15 अप्रैल 2026 को घटित दो अलग-अलग लूट की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई की गई।
पहली घटना में प्रार्थी सुनील कुमार यादव, निवासी बासूचक (जिला गुज्जपुर, बिहार) को आरोपियों ने फोन कर मजदूर उपलब्ध कराने का झांसा दिया और बिलासपुर रेलवे स्टेशन बुलाया। इसके बाद ऑटो में बैठाकर पॉलिटेक्निक कॉलेज कोनी के पास सुनसान स्थान पर ले जाकर उनसे ₹45,000 नगद लूट लिए।
वहीं दूसरी घटना में 15 अप्रैल की सुबह लगभग 9:30 बजे प्रार्थी दशरथ कुमार द्विवेदी, निवासी नई बस्ती कटनी (मध्य प्रदेश) को भी इसी तरह मजदूर उपलब्ध कराने का झांसा देकर रेलवे स्टेशन बुलाया गया। आरोपियों ने उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के पास सुनसान स्थान पर ले जाकर ₹35,000 लूट लिए और फरार हो गए।
दोनों मामलों में थाना कोनी में अपराध क्रमांक 171/2026 एवं 172/2026 के तहत धारा 309(2), 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) में प्रकरण दर्ज कर जांच प्रारंभ की गई।
विवेचना के दौरान निरीक्षक राजश्री दामू के नेतृत्व में गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी प्रकाश सिंह (पिता मंगल सिंह, उम्र 40 वर्ष, निवासी बेल्हा, थाना पचपेड़ी, जिला बिलासपुर) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों अभय सिंह उइके, मनोज उइके, वीरू मरावी, संतोष उइके एवं समीर सिंह के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लूट की रकम में से ₹1600, एक पिट्ठू बैग, बैंक पासबुक, आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। आरोपी को 20 अप्रैल 2026 को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।
पुलिस टीम में निरीक्षक राजश्री दामू के साथ प्रधान आरक्षक अशफाक अली, रमेश चंद्र पटनायक एवं आरक्षक विजेंद्र सिंह, अजय मधुकर और वीरेंद्र भोई की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस द्वारा फरार पांच अन्य आरोपियों की तलाश जारी है तथा मामले में आगे की कार्रवाई प्रचलित है।
